वक्फ बोर्ड की जांच हुई तो राम मंदिर के चढ़ावा चोरी से भी बड़ा घोटाला बाहर निकलेगा-मौलाना शहाबुद्दीन रजवी
July 14, 2026
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का वक्फ बोर्ड को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि वक्फ बोर्ड की जांच हुई तो राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों से भी बड़ा घोटाला निकलेगा।उन्होंने सीएम योगी को पत्र लिखकर सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड की जांच कराने की मांग की है और आरोप लगाया है कि सपा शासनकाल में वक्फ संपत्तियों में हेराफेरी की गई।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने वक्फ बोर्ड को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मौलाना ने कहा कि वक्फ पूरी तरह शरीयत और मजहब से जुड़ा मामला है। हमारे बुजुर्गों ने अपनी जमीन-जायदाद इसलिए वक्फ की थी ताकि उससे होने वाली आमदनी गरीब, यतीम, बेवा और जरूरतमंद मुसलमानों की मदद, उनकी शिक्षा, इलाज और सामाजिक उत्थान पर खर्च हो। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड से जुड़े जिम्मेदार लोगों ने करोड़ों रुपये की वक्फ संपत्तियों को कौड़ियों के दाम बेच दिया और उन्हें भू-माफियाओं के हवाले कर दिया।
मौलाना ने आरोप लगाया कि वक्फ संपत्तियों का सबसे ज्यादा नुकसान समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुआ। उन्होंने कहा कि तीन बार मुलायम सिंह यादव और एक बार अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए आजम खान अल्पसंख्यक, वक्फ और हज मंत्री रहे। उनके कार्यकाल में उनके करीबी लोगों को सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया। उन्होंने जुफर फारूकी, अमीर आलम और हाफिज मोहम्मद उस्मान का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके समय में वक्फ बोर्ड के चेयरमैन, सदस्यों और अधिकारियों ने मिलकर वक्फ की जमीनों को खुर्द-बुर्द (इधर-उधर) किया और भू-माफियाओं के हाथों बेच दिया।
मौलाना ने दावा किया कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों वक्फ बोर्डों की निष्पक्ष जांच करा दें तो राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों से भी बड़ा घोटाला सामने आएगा। यह घोटाला लाखों का नहीं, बल्कि अरबों-खरबों रुपये का होगा। उन्होंने कहा कि अगर वक्फ की आमदनी सही तरीके से गरीब मुसलमानों पर खर्च होती तो देश में कोई भी मुसलमान गरीब या भीख मांगने वाला नहीं रहता।
मौलाना ने वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने वालों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने वक्फ की आमदनी से आलीशान मकान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और शादी हॉल खड़े कर लिए और उनकी कमाई गरीबों तक नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड से जुड़े लोगों से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने अपने लंबे कार्यकाल में कितने मदरसे, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल या यतीमखाने बनाए।
मौलाना शहाबुद्दीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर निष्पक्ष जांच हुई तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और जिन चेहरों पर आज नकाब है, उनकी असलियत देश के सामने आ जाएगी।
