भागलपुर में पुलिस थाने के सामने वाली बिल्डिंग में बिल्डर की हत्या
July 03, 2026
भागलपुर में अपराधियों की हैवानियत की ऐसी तस्वीर आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। तिलका मांझी थाना के ठीक सामने स्थित एक कार्यालय में बिल्डर बजरंग कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। जिस तरह से इस हत्या को अंजाम दिया गया है, उससे साफ है कि कातिलों का मकसद सिर्फ हत्या करना नहीं था, बल्कि नफरत, प्रतिशोध और खौफ का ऐसा संदेश देना था, जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सके।
हत्या का तरीका किसी सामान्य आपराधिक वारदात से कहीं अधिक क्रूर और सुनियोजित नजर आता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात से पहले कार्यालय में शराब पार्टी हुई। मौके से मिले शराब के गिलास इस बात का इशारा करते हैं कि मृतक अपने परिचित लोगों के साथ बैठा था। इसके बाद उसे निर्वस्त्र किया गया और धारदार हथियार से गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया गया। इतना ही नहीं, हाथ की चार उंगलियां काट दी गईं। पुलिस को आशंका है कि यह वार हथियार से बचने के प्रयास में हुआ होगा, हालांकि पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं उंगलियां जानबूझकर तो नहीं काटी गईं।
घटनास्थल पर संघर्ष के बहुत निशान नहीं मिले हैं। ऑफिस में रखे सामान के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई। नीचे खड़ी बाइक भी सुरक्षित मिली। इससे पता चलता है कि अपराधियों का उद्देश्य लूटपाट नहीं, बल्कि केवल बजरंग कुमार की हत्या करना था। सबसे बड़ा सवाल है कि तिलकामांझी थाना के ठीक सामने वाली बिल्डिंग में इस घटना को अंजाम दिया गया और इसकी भनक भी नहीं लगी।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव मौके पर पहुंचे और विशेष जांच दल SIT का गठन करते हुए 24 घंटे के भीतर मामले के खुलासे का निर्देश दिया। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कोतवाली और परबत्ती इलाके से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि दफ्तर में शराब पीने वाले लोग मृतक के बेहद करीबी रहे होंगे। बिना विश्वास के कोई व्यक्ति थाना के सामने स्थित कार्यालय में इस तरह देर तक नहीं बैठ सकता। अब पुलिस मृतक के करीबी लोगों, व्यक्तिगत संबंधों और हाल के विवादों को ध्यान में रखते हुए आगे की जांच कर रही है।
यह हत्याकांड केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती है। अब पूरे शहर की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि आखिर बजरंग कुमार की हत्या के पीछे कौन लोग थे। हत्या का वास्तविक कारण क्या था और पुलिस अपराधियों को पकड़ने में कितना वक्त लगाती है।
