कई दिनों से गलियों में भरा गंदा पानी,जलनिकासी ठप लोगों में संक्रामक बीमारियों का डर
पीलीभीत। बरखेड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में नालों की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में हुई बारिश के बाद नगर की कई गलियां जलमग्न हो गईं, जबकि नालियों में गंदा पानी कई दिनों से जमा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और फोटो नगर पंचायत के सफाई दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर वर्ष नालों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में पूरी व्यवस्था धराशायी हो जाती है।नगर के विभिन्न मोहल्लों में जलनिकासी बाधित होने के कारण गलियां तालाब का रूप ले चुकी हैं। जगह-जगह गंदा पानी भरा होने से राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों के सामने पानी जमा होने से लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास का वातावरण भी दूषित हो रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की प्रभावी सफाई कराई गई होती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन ने समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि सफाई कार्य केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।लगातार जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने, सभी नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं पहली ही बारिश में नगर पंचायत की व्यवस्थाओं पर उठे सवालों ने विकास और सफाई के दावों की वास्तविकता भी उजागर कर दी है।
