जनता दर्शन में फरियादी की गुहार सुनते ही लिया संज्ञान, बोलेष्जरूरत पड़ी तो बच्चे की फीस भरने में भी करूंगा सहयोगष्य धारा-24 के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए चलेगा विशेष अभियान
सुल्तानपुर। जनसुनवाई को प्रभावी एवं संवेदनशील बनाने की दिशा में जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की मानवीय पहल इन दिनों जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है। जनता दर्शन के दौरान तहसील सदर क्षेत्र के विकासखंड दुबेपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत दुबेपुर निवासी बृजेश सिंह अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचे।
फरियादी बृजेश सिंह ने बताया कि उनका पुत्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसकी फीस जमा नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि वह अपनी जमीन बेचकर बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाना चाहते हैं, किंतु वर्षों से जमीन की पैमाइश न होने के कारण बिक्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल पैमाइश कराने की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बिना विलंब किए स्वयं राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर जमीन की पैमाइश कराई। इस दौरान उन्होंने फरियादी से कहा कि यदि किसी कारणवश जमीन की बिक्री नहीं हो पाती और बच्चे की पढ़ाई प्रभावित होती है, तो वह उसकी फीस भरने में भी सहयोग करने का प्रयास करेंगे।
फरियादी बृजेश सिंह ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वर्षों से उनकी जमीन की पैमाइश लंबित थी। उन्होंने यह भी बताया कि सिंचाई विभाग के नाले का पानी उनके खेत में भर जाता था, जिससे खेती प्रभावित होती थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर न केवल जमीन की पैमाइश कराई गई, बल्कि खेत में जलभराव की समस्या का भी समाधान कराया गया तथा भूमि पर कब्जेदारी की कार्रवाई भी सुनिश्चित कराई गई। बृजेश सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी की त्वरित कार्रवाई से उन्हें वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिली है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जनता दर्शन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और पात्र मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि जनपद में भूमि विवादों, विशेषकर धारा-24 से संबंधित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम), तहसीलदारों तथा राजस्व अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि धारा-24 से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों में प्राथमिकता के आधार पर पैमाइश कराकर सीमांकन एवं पत्थरनिशान की कार्रवाई पूरी की जाए। यदि सीमांकन के बाद कोई व्यक्ति सरकारी पत्थर उखाड़ता है या दोबारा अतिक्रमण करता है, तो संबंधित राजस्व अधिकारी की तहरीर पर स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी की इस संवेदनशील एवं सक्रिय कार्यशैली की जनपद भर में सराहना हो रही है। आमजन का कहना है कि प्रशासन का ऐसा मानवीय और जवाबदेह रवैया जनता के विश्वास को मजबूत करता है तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ाता है।
