लखनऊ। जानकीपुरम स्थित व्यस्त शुक्ला चैराहा इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाल सड़कों के कारण हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। बारिश के मौसम में खोदी गई और टूटी-फूटी सड़कों की वजह से आए दिन यहाँ छोटी-बड़ी दुर्घटनाएँ हो रही हैं। समय रहते यदि इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
शुक्ला चैराहा जानकीपुरम का एक प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय केंद्र है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति और जलभराव के कारण स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों, स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के पानी में गड्डों का अंदाजा न मिलने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ईश्वर की कृपा और जनता के सहयोग व आशीर्वाद से अब तक कोई बड़ा या जानलेवा हादसा नहीं हुआ है और सभी सुरक्षित हैं, लेकिन खतरा हर पल मंडरा रहा है। आए दिन गाड़ियों के पलटने और अनियंत्रित होने से क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है।
क्षेत्र के नागरिकों व व्यापारियों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है कि सड़क की खुदाई किस विभाग द्वारा और किस कार्य हेतु कराई जा रही है, इसकी पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक की जाए। बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए सड़क के समतलीकरण और निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। क्षेत्रवासियों, मरीजों और विद्यार्थियों के सुरक्षित व सुगम आवागमन के लिए तुरंत वैकल्पिक व ठोस व्यवस्था की जाए। निर्माण कार्य में ढिलाई या बिना सुरक्षा मानकों के सड़क खोदकर छोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सड़क सुधार का काम शुरू नहीं कराया, तो वे अपनी आवाज और प्रमुखता से उठाने के लिए बाध्य होंगे।
