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कन्नौज: गोशालाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर नही की जायेगी बर्दाश्त -जिलाधिकारी


कन्नौज। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में स्वच्छ भारत मिशन, गौशाला संचालन, मनरेगा, जीरो पॉवर्टी अभियान, फैमिली आईडी, अन्नपूर्णा भवन सहित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के 151 गो-आश्रय स्थलों में से 100 से कम गोवंश क्षमता वाले बंद किए गए 37 गो-आश्रय स्थलों की सम्पूर्ण परिसंपत्तियों का विवरण एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराया जाए। इसमें भूसा, गोबर खाद, हरे चारे की खेती हेतु भूमि, गोशाला परिसर एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों का विस्तृत ब्यौरा संबंधित खंड विकास अधिकारियों के समन्वय से तैयार किया जाए।

उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि केवल निर्देश देने की प्रवृत्ति छोड़ें और गोशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर कार्य कराएं। गोवंशों के संरक्षण एवं बेहतर देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि निराश्रित एवं छुट्टा गोवंशों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा जनपद की 114 संचालित गोशालाओं में जिन स्थानों के सीसीटीवी कैमरे अभी तक कंट्रोल कमांड सेंटर से नहीं जुड़े हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र जोड़ना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने आगामी संभावित बाढ़ की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए निर्देश दिए कि सभी गोशालाओं में समय रहते भूसा, हरा चारा, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि प्रत्येक गोशाला में पर्याप्त मात्रा में भूसे का सुरक्षित भंडारण होना चाहिए। भविष्य में किसी भी गोशाला में भूसे की कमी अथवा अव्यवस्था की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी एवं जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि फीकल स्लज मैनेजमेंट (एफएसएम) इकाई की स्थापना हेतु भूमि का चिन्हांकन शीघ्र कराया जाए, जिसमें संबंधित उपजिलाधिकारी की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत ही अग्रिम कार्रवाई प्रारंभ की जाए। साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत कराए गए कार्यों की प्रत्येक विकास खंड से दो-दो ग्राम पंचायतों का रैंडम निरीक्षण कराकर गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि मनरेगा पार्क, खेल मैदान, अमृत सरोवर एवं गोशालाओं में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सार्वजनिक परिसंपत्तियों का भी विकास हो सके।

फैमिली आईडी अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि जनकल्याण शिविरों के माध्यम से सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में समस्त एडीओ (कृषि) सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक पात्र परिवारों की फैमिली आईडी तैयार कराना सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चन्द्र, डीसी एनआरएलएम राजकुमार लोधी, परियोजना निदेशक डीआरडीए रामऔतार, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सरदुल सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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