सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने का राहुल गांधी ने किया विरोध
July 19, 2026
मशहूर शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन जंतर-मंतर से हटाए जाने को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बाद अब ममता बनर्जी की टीएमसी के वरिष्ठ नेता कीर्ति आजाद का बयान आया है. उनका कहना है कि ये निश्चित ही बड़ा मुद्दा बनेगा.
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कीर्ति आजाद ने कहा कि ये वाकई में बड़ा मुद्दा बनने वाला है क्योंकि जब अन्ना हजारे विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि लोगों को विरोध करने की अनुमति नहीं दी जा रही है, लेकिन आज वे चुप हैं.
कीर्ति आजाद ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ज़्यादातर समय विदेश में रहते हैं और कभी-कभार ही भारत आते हैं. VHP, BJP और RSS सब एक ही हैं, उन्हें शासन करना नहीं आता. विकसित देशों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ़्त हैं, लेकिन यहां वे चाहते हैं कि लोग अनपढ़ बने रहें, क्योंकि अधूरी जानकारी, जानकारी न होने से ज़्यादा खतरनाक होती है. उन्होंने आगे कहा कि जब हजारों सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं और एक लाख से ज़्यादा पहले ही बंद हो चुके हैं, तो इससे पता चलता है कि उन्हें NEET जैसे मुद्दों की कोई परवाह नहीं है.
सोनम वांगचुक को जबरन हटाने को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं. अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना गलत है. पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या भारत के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि कोई भी ताकत भारत के छात्रों और हममें से उन लोगों को, जो उनसे प्यार करते हैं और उनमें विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती. वहीं एनसीपी प्रवक्ता अनीश गवांडे ने शरद पवार का एक वीडियो पोस्ट किया. शरद पवार ने कहा कि जब सोनम वांगचुक के समर्थन में दूसरी राजनीतिक पार्टियां आईं, तो सरकार सिर्फ तमाशबीन बनी रही.
