अंकित शर्मा हत्याकांड! तथ्यों और सबूतों के आधार पर हुई पूरी जांच-दिल्ली पुलिस कमिश्नर
July 14, 2026
वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई युवा आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या पर अदालत का ऐतिहासिक फैसला आने के बाद दिल्ली पुलिस के शीर्ष नेतृत्व का बड़ा बयान सामने आया है। दिल्ली पुलिस के कमिश्नर सतीश गोलचा ने इस मामले में अपनी विश्लेषणात्मक प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि अदालत का फैसला दिल्ली पुलिस की निष्पक्ष कार्यप्रणाली और परिश्रम को पूरी तरह प्रमाणित करता है।
मीडियो को संबोधित करते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने कहा कि 2020 के दिल्ली दंगों जैसी बेहद संवेदनशील हालातों के दौरान पुलिस की सबसे पहली जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था को बहाल करना था। इसके साथ ही पारदर्शी और निष्पक्ष जांच भी दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी और प्राथमिकता थी। कमिश्नर ने जोर देते हुए कहा कि हत्याकांड की पूरी तफ्तीश निष्पक्ष, तथ्यों और सबूतों के आधार पर की गई। अदालत के फैसले के बाद पुलिस जांच टीम की कड़ी मेहनत और प्रोफेशनल वर्किंग पर मुहर लग गई।
कमिश्नर सतीश गोलचा ने संतोष जताते हुए कहा कि हमारी विशेष टीम न्यायिक जांच की हर कसौटी पर खरा उतरी है, जिससे पुलिस महकमे को भी संतुष्टि मिली है। उन्होंने देश और दिल्ली की जनता को आश्वस्त करते हुए भरोसा जताया कि 2020 के दिल्ली दंगों में जितने भी अपराध और साजिशें रची गई थीं, उन सभी के आरोपियों को कानून के तहत न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक वक्तव्य को दोहराते हुए कहा कि वह देश में कानून के शासन और पूरी तरह से निष्पक्ष न्याय के सिद्धांतों के प्रति हमेशा कड़े स्तर पर प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी रहेगी।
आपको बता दें कि कड़कड़डूमा कोर्ट ने अंतिक शर्मा मर्डर केस में ताहिर हुसैन समेत कुल पांच लोगों को दोषी ठहराया है जबकि 6 लोगों को बरी कर दिया गया है। वहीं अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद ताहिर हुसैन फफक-फफक कर रोने लगा। सजा की तारीख मंगलवार को मुकर्रर की जाएगी। बता दें कि ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी का पूर्व पार्षद है। पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान ताहिर हुसैन ने ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की सदस्यता ले ली थी और मुस्तफाबाद सीट से चुनाव लड़ा था।
