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प्रतापगढ़ः प्रभारी मंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर दिए सम्बंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश! स्वास्थ्य, जल निगम एवं बिजली व्यवस्था पर प्रभारी मंत्री सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार


प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण विभागध्जनपद के प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने विकास भवन सभागार में केन्द्र एवं राज्य सरकार की संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में विधायक सदर राजेन्द्र कुमार मौर्य, जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी डा0 राममोहन मीना, परियोजना निदेशक डीआरडीए दयाराम यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ए0एन0 प्रसाद सहित जिला स्तरीय अधिकारी सम्मिलित हुये।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) की प्रगति पर चर्चा करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि मई माह में 2,745 तथा जून माह में 1,698 आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। इस पर प्रभारी मंत्री ने अब तक बनाए गए कुल आयुष्मान कार्डों तथा योजना के अंतर्गत उपचार प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की संख्या पूछी, लेकिन स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि अब तक बने सभी आयुष्मान कार्डों एवं उपचारित लाभार्थियों का विस्तृत विवरण तैयार कर जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जाए। मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सरकारी एवं निजी अस्पतालों में मई माह में 4,911 तथा जून माह में 5,249 प्रसव होने की जानकारी दी गई। विस्तृत रिपोर्ट के परीक्षण में आंकड़ों में अंतर पाए जाने पर प्रभारी मंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रसव संबंधी रिपोर्टिंग की जांच कराने तथा 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में परिवार नियोजन, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) को निर्देशित किया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए जिन सड़कों की खुदाई की गई है, उनकी तत्काल मरम्मत कर उन्हें पूर्व स्थिति में लाया जाए तथा इसकी सूचना उपलब्ध कराई जाए। वहीं विद्युत विभाग की समीक्षा में बिजली व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधीक्षण अभियंता विद्युत को व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए।

वन विभाग को जनपद में एक वृहद अशोक वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए गए। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने बताया कि टीएचआर प्लांट में तैयार होने वाले पुष्टाहार के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है तथा रिपोर्ट प्राप्त होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने तीन लाख एवं पांच लाख रुपये तक वार्षिक आय अर्जित करने वाली लखपति दीदियों की पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत सरोवर, पंचायत भवन, अंत्येष्टि स्थल, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उर्वरक व्यवस्था, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, दिव्यांग एवं निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, नई ड्राई राशन व्यवस्था, स्कूल चलो अभियान, निर्माण श्रमिक पंजीकरण, गो-आश्रय स्थल तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें शीघ्र संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया जाए। जिन परियोजनाओं में बजट की आवश्यकता है, उनके लिए तत्काल शासन को मांग पत्र भेजा जाए तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को भी आवश्यक चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शासन को शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, गलत रिपोर्टिंग या कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग पारदर्शिता तथा जवाबदेही के साथ कार्य करें।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने प्रभारी मंत्री को आश्वस्त किया कि समीक्षा बैठक में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा, साथ ही सभी विभागों की नियमित समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से आमजन तक पहुंच सके।

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