रुद्रपुर। शहर में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। नैनीताल रोड स्थित संगम मैरिज पैलेस के पास, अरेरा जिम के नीचे संचालित एक दुकान पर एक्सपायरी डेट निकल चुकी डवनदजंपद क्मू (2 लीटर ़ 250 मिली फ्री) कोल्ड ड्रिंक बिक्री के लिए रखे जाने की शिकायत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि संबंधित दुकान के ऊपर एक जिम संचालित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवक-युवतियां स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए पहुंचते हैं। जिम आने वाले लोग अक्सर वहीं से कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, प्रोटीन सप्लीमेंट्स और अन्य फिटनेस उत्पाद खरीदते हैं। ऐसे में यदि एक्सपायरी या मानकविहीन खाद्य उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बन जाता है।
शिकायत के अनुसार दुकान पर रखी गई माउंटेन ड्यू की बोतल पर बैच नंबर ठछ।च्8007ठ34क्26, निर्माण तिथि 24 अप्रैल 2025 तथा उपयोग की अंतिम तिथि (न्ेम ठल) 24 अक्टूबर 2025 अंकित थी। आरोप है कि एक्सपायरी अवधि समाप्त होने के बाद भी उत्पाद ग्राहकों को बेचने के लिए रखा गया था।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की ओर दुकान संचालक का ध्यान दिलाया गया, तो उत्पाद हटाने के बजाय कथित रूप से बहस की गई। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है और सवाल उठ रहे हैं कि यदि एक एक्सपायरी उत्पाद खुलेआम बिक्री के लिए रखा जा सकता है, तो दुकान में मौजूद अन्य खाद्य एवं फिटनेस उत्पादों की नियमित जांच कितनी गंभीरता से की जाती है।
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता ने मांग की है कि खाद्य सुरक्षा विभाग केवल इस एक बोतल तक सीमित न रहे, बल्कि दुकान में उपलब्ध सभी प्रोटीन सप्लीमेंट्स, हेल्थ ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, पैक्ड फूड और अन्य खाद्य उत्पादों की निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि और गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराए। उनका कहना है कि यदि जांच में अन्य उत्पाद भी मानकों के विपरीत पाए जाते हैं, तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ साबित हो सकता है।
लोगों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि समय रहते कार्रवाई कर उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। अब देखना यह होगा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग इस मामले में तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करता है या शिकायत फाइलों तक ही सीमित रह जाती है।।
