लखीमपुर-खीरी। सर्वसाधारण एवं नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा अपील जारी की गई है कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी में आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली जनशक्तिध्कर्मचारियों की तैनातियों को लेकर कतिपय असामाजिक एवं दलाल तत्वों द्वारा भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। इस संबंध में वस्तुस्थिति एवं शासन के नियम निम्नवत हैंरूभर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी हैरू स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी में आउटसोर्सिंग पदों हेतु भर्ती प्रक्रिया माह अगस्त 2025 में ही पूर्ण की जा चुकी है। वर्तमान में संस्थान स्तर पर आउटसोर्सिंग से संबंधित कोई भी नई भर्ती प्रक्रियाधीन नहीं है।संस्थान केवल उपभोक्ता (न्ेमत क्मचंतजउमदज) हैरू चिकित्सा महाविद्यालय स्वयं अपने स्तर से किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी की सीधी भर्ती नहीं करता है। संस्थान की भूमिका केवल सेवा प्राप्त करने वाले उपभोक्ता की है।
सेवा प्रदाता (।हमदबल) का चयनरू आउटसोर्स एजेंसियों का चयन शासन स्तर से पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
सेवायोजन पोर्टल पर विज्ञापनरू पदों के अनुसार आउटसोर्स भर्ती का विज्ञापन केवल उत्तर प्रदेश सेवायोजन पोर्टल (ैमअंलवरंद च्वतजंस) पर ही सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा जारी किया जाता है।
योग्यतानुसार आवेदनरू अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता एवं योग्यता के अनुसार केवल आधिकारिक सेवायोजन पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन करना होता है।पारदर्शी चयन प्रक्रियारू सेवा प्रदाता एजेंसी साक्षात्कार (यदि लागू हो) तथा पोर्टल के नियमानुसार रैंडमाइजेशन (त्ंदकवउपेंजपवद) प्रक्रिया के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन करती है। तत्पश्चात चयनित उम्मीदवारों की सूची ही संस्थान को उपलब्ध कराई जाती है।ठगी एवं दलालों से सावधानरू यदि कोई व्यक्ति, संस्था या बिचैलिया स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी के नाम पर नौकरी लगवाने का दावा करता है या धनराशि की मांग करता है, तो वह पूरी तरह से फर्जी एवं दलाल है।
कठोर कानूनी कार्रवाईरू आउटसोर्स नौकरी के नाम पर रिश्वत देना और लेना दोनों ही संगीन अपराध हैं। ऐसे किसी भी मामले में पकड़े जाने पर देने वाले और लेने वालेकृदोनों के विरुद्ध वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अभी हाल ही में हुए प्रकरण के दौरान जब पुलिस में मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा जब फिर कराई गई तब शिकायत दर्ज करने वाले अपनी शिकायत वापस लेने लगे उनके द्वारा यहां तक नहीं बताया गया कि उन्होंने स्वयं आवेदन किया था या किसी और के लिए पैसे दिए थे इससे यह प्रतीत होता है कि वह स्वयं दलाली का कार्य कर रहे थे। ऐसे लोगों के बहकावे में नहीं आना है।
प्रचार्यध्प्रशासन, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ने अपील की है कि सभी अभ्यर्थी किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दलालों के बहकावे में न आएं। आउटसोर्सिंग से संबंधित किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल शासन द्वारा मान्यता प्राप्त सेवायोजन पोर्टल का ही अवलोकन करें।
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