बीसलपुर। विकास खंड क्षेत्र की अस्थायी एवं स्थायी गौशालाओं में कार्यरत पैरावेट (पशु स्वास्थ्य सहायक) ने कई माह से मानदेय का भुगतान न होने पर नाराजगी जताते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को प्रार्थना पत्र सौंपकर शीघ्र भुगतान की मांग की है। साथ ही उन्होंने पैरावेटध्मैत्री का पारिश्रमिक मनरेगा श्रमिकों की दैनिक मजदूरी के बराबर निर्धारित कर नियमित भुगतान सुनिश्चित किए जाने की मांग भी उठाई है।
प्रार्थना पत्र में बताया गया कि जिलाधिकारी के 13 मार्च 2026 के आदेश तथा उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, बीसलपुर के 1 अप्रैल 2026 के पत्र के आधार पर ब्लॉक क्षेत्र की गौशालाओं एवं क्षेत्र में घायल और निराश्रित गोवंशों की देखभाल तथा प्राथमिक उपचार के लिए पैरावेटों की नियुक्ति की गई थी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि पैरावेटों का पारिश्रमिक केयरटेकरों के भुगतान के सापेक्ष एसएफसी पूलिंग आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से दिया जाएगा।
पैरावेटों का कहना है कि वे अप्रैल 2026 से लगातार गौशालाओं में तैनात रहकर घायल, बीमार एवं निराश्रित गोवंशों का उपचार, प्राथमिक चिकित्सा और देखभाल का कार्य पूरी जिम्मेदारी से कर रहे हैं। इसके बावजूद अप्रैल 2026 से अब तक उन्हें किसी भी प्रकार का मानदेय या पारिश्रमिक नहीं मिला है। भुगतान लंबित रहने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है और परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बीडीओ से मांग की है कि शासन के आदेशों के अनुरूप अप्रैल 2026 से लंबित समस्त मानदेय का तत्काल भुगतान कराया जाए। साथ ही पैरावेटध्मैत्री का पारिश्रमिक मनरेगा श्रमिकों के बराबर निर्धारित कर नियमित भुगतान की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि बिना आर्थिक कठिनाइयों के वे गौवंशों की सेवा और उपचार का कार्य निरंतर जारी रख सकें। मानदेय भुगतान की मांग करने वालों में मोहित (ग्राम खनका उचसिया), रामदेव (शाहबाजपुर), संजीव कुमार (बिहारीपुर कुमारिखा), अनिल कुमार (नगीपुर अखौला), ब्रज बहादुर (कितनापुर), सुशील तिवारी (राजुपुर कुंडरी), उमेश चंद (इमलिया मरौरी) तथा प्रभाकर गंगवार (उगनपुर मरौरीध्बसारा) प्रमुख रूप से शामिल रहे। पैरावेटों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं कराया गया तो वे आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन करने के लिए भी विवश होंगे।
