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चंपत राय की छुट्टी तय, राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में नहीं हुए शामिल


राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट की मीटिंग शुरू हो चुकी है। महंत नृत्य गोपाल दास,स्वामी गोविंद गिरी महाराज़, स्वामी विश्वप्रशन्न तीर्थ, कृष्ण मोहन समेत तमाम लोग मीटिंग में पहुंच गए हैं। वहीं चंपत राय और अनिल मिश्रा इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। चंपत राय के करीबियों का दावा है की प्रभु की सेवा के लिए किसी पद की अनिवार्यता ज़रूरी नहीं है। प्रभु की सेवा करते रहेंगे। ताजा जानकारी के मुताबिक स्वामी गोविंद गिरी महाराज ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे का प्रस्ताव रखा। बहुत जल्द इस्तीफे की औपचारिक घोषणा हो सकती है।

मीटिंग में शामिल होने के लिए पहुंचे गोपाल राव को ट्रस्ट की मीटिंग से बाहर किया गया, ट्रस्ट के सदस्यों ने ट्रस्टी न होने का हवाला देकर उन्हें मीटिंग से बाहर कर दिया। वहीं मीटिंग में हुए फैसले को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से बयान जारी किया जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक बैठक में वासुदेवानन्द सरस्वती ने कहा कि चढ़ावा चोरी की बातें सामने आने से हमारी भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं कृष्ण मोहन ने बैठक में बताया की शुरुआती जांच में जब अनियमितता पाई गई तब एफआईआर दर्ज करवाई गई। वहीं स्वामी परमानंद गिरी ने कहा कि धर्म की रक्षा करना हमारा पहला कर्तव्य है। जब लोग आस्था से जुड़ते हैं तो छोटी-छोटी बातों का खयाल रखना चाहिए।

यूपी के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बता दें कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट संजय प्रसाद को ही सौंपी थी। संजय प्रसाद राम मंदिर ट्रस्ट के पदेन सदस्य हैं। SIT की जांच रिपोर्ट पर ट्रस्ट की बैठक में डिटेल में चर्चा की जाएगी और इन्वेस्टिगेशन किस दिशा में बढ़ रही है इसपर बात होगी।

ट्रस्ट की मीटिंग में चंपत राय और अनिल मिश्रा के फैसले पर मुहर लगना लगभग तय है। बैठक में आज दान चोरी को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट खेद भी प्रकट करेगा। इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था के लिए CEO की नियुक्ति पर भी फैसला होगा। राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक राम मंदिर के अंदर ही गेस्ट हाउस में हो रही है। पहले मणि राम दास छावनी में ये मीटिंग होनी थी।

इस बीच ट्रस्ट के महासचिव पद के लिए तीन नामों पर चर्चा हो रही है, जिसमें विश्व हिंदू परिषद् के महामंत्री बजरंग बागड़, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया और रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी कृष्णमोहन का नाम शामिल है। बजरंग बागड़ पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट, नालको चेयरमैन रह चुके हैं। वहीं नीरज दौनेरिया राम मंदिर आंदोलन से लंबे समय से जुड़े रहे हैं जबकि रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी कृष्णमोहन पूर्वी यूपी के RSS के संघ संचालक हैं।

वहीं ट्रस्ट की बैठक से पहले राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा है कि इस घटना से वह बहुत आहत हैं। महंत नृत्यगोपालदास ने कहा, "श्रीराम लला सरकार के मंदिर में हुई दान चोरी से मैं काफी आहत हूं। जिसने भी ये पाप किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मुझे यूपी के यशस्वी सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी पर पूरा विश्वास है कि वे इस पाप से जुड़े हर व्यक्ति को सजा दिलाएंगे। ये करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रश्न है।"

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