ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग के तहत एक वर्ष तक पंतनगर प्लांट में करेंगे प्रशिक्षण, स्टाइपेंड, भोजन, बीमा और आधुनिक तकनीक सीखने का मिलेगा अवसर
पीलीभीत। जनपद में कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बालाजी प्राइवेट आईटीआई ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज कराई है। संस्थान ने देश की अग्रणी ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स, पंतनगर के साथ ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग यानी ष्सीखो और कमाओष् योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्थान में तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ उद्योग में वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे प्रशिक्षण के दौरान ही उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन सकेंगे।एमओयू के तहत बालाजी प्राइवेट आईटीआई के 80 छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित प्रशिक्षु अपनी दो वर्षीय आईटीआई प्रशिक्षण अवधि में एक वर्ष तक टाटा मोटर्स के पंतनगर स्थित अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यहां उन्हें आधुनिक ऑटोमोबाइल निर्माण तकनीकों के साथ-साथ तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर की उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा मानकों और औद्योगिक कार्य प्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। उद्योग के अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए विद्यार्थी नवीनतम मशीनों एवं अत्याधुनिक उत्पादन तकनीकों को नजदीक से समझ सकेंगे।इस योजना की विशेषता यह है कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को केवल सीखने का अवसर ही नहीं मिलेगा, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी सशक्त होंगे। टाटा मोटर्स की ओर से चयनित प्रशिक्षुओं को मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा। साथ ही निःशुल्क भोजन, बीमा सुविधा तथा अन्य आवश्यक औद्योगिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को बिना आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण औद्योगिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा और वे वास्तविक कार्य संस्कृति का अनुभव भी हासिल कर सकेंगे।
संस्थान के प्रधानाचार्य विकास सक्सेना ने बताया कि यह समझौता बालाजी प्राइवेट आईटीआई के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल तकनीकी शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। टाटा मोटर्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के साथ यह साझेदारी विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा देगी और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में रोजगार पाने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
बालाजी एजुकेशनल सोसायटी के प्रबंधक दीपक सक्सेना ने कहा कि वर्तमान समय में केवल कक्षा आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। उद्योग की मांग के अनुसार विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों का अनुभव मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स के साथ हुआ यह एमओयू संस्थान की गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। इससे छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण अवधि में ही आधुनिक तकनीक, अनुशासन, समय प्रबंधन, टीमवर्क और औद्योगिक कार्य संस्कृति सीखेंगे, जो उनके भविष्य के करियर को मजबूत आधार प्रदान करेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से संस्थान के विद्यार्थियों के लिए देश की बड़ी ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। साथ ही यह समझौता अन्य तकनीकी संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनेगा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाया जा सकता है।
यह एमओयू स्पष्ट करता है कि बालाजी प्राइवेट आईटीआई केवल प्रमाणपत्र आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशल, औद्योगिक अनुभव और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। आने वाले समय में यह पहल जनपद के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक नई मिसाल साबित हो सकती है।
