होटल मानसरोवर पैराडाइज में प्रेसवार्ता करते मैक्स साकेत केके मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के चेयरमैन एवं चीफ - डॉ. सुजॉय कुमार भट्टाचार्जी
मुरादाबाद (विधान केसरी)। जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में एडवांस्ड रोबोटिक तकनीक और बेहतर रिकवरी प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता को दर्शाते हुए, नई दिल्ली स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत के डॉक्टरों ने दोनों घुटनों में एडवांस्ड ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित 66-वर्षीय मुरादाबाद निवासी महिला की सफलतापूर्वक डे-केयर रोबोटिक-असिस्टेड बाइलेटरल टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की। इस प्रक्रिया की बदौलत मरीज सर्जरी वाले दिन ही घर लौट सकीं, जो यह दर्शाता है कि आधुनिक रोबोटिक-असिस्टेड जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक बुजुर्ग मरीजों को तेज रिकवरी और बेहतर कार्यात्मक परिणाम प्रदान कर सकती है।
महिला कई वर्षों से दोनों घुटनों में गंभीर दर्द से जूझ रही थीं। बढ़ते ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण उनकी चलने-फिरने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। चलना, सीढ़ियां चढ़ना और रोजमर्रा के घरेलू कार्य करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। लंबे समय तक दवाइयों, फिजियोथेरेपी, गतिविधियों में बदलाव और अन्य सहायक उपचारों के बावजूद उनकी समस्या लगातार बढ़ती रही।
अपनी स्थिति के एडवांस्ड ट्रीटमेंट के लिए उन्होंने नई दिल्ली स्थित, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के चेयरमैन एवं चीफ - डॉ. सुजॉय कुमार भट्टाचार्जी से परामर्श लिया। विस्तृत क्लिनिकल और रेडियोलॉजिकल जांच के बाद उन्हें दोनों घुटनों में एडवांस्ड ऑस्टियोआर्थराइटिस का निदान हुआ। जोड़ों को हुए गंभीर नुकसान और उससे उत्पन्न कार्यात्मक अक्षमता को देखते हुए मरीज और उनके परिवार को उपलब्ध उपचार विकल्पों, संभावित परिणामों और रिहैबिलिटेशन प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विस्तृत चर्चा के बाद उन्होंने एक साथ दोनों घुटनों की रोबोटिक-असिस्टेड टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने का निर्णय लिया।
इस केस के बारे में बताते हुए, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत, के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के चेयरमैन एवं चीफ - डॉ. सुजॉय कुमार भट्टाचार्जी, ने कहा, “घुटनों का ऑस्टियोआर्थराइटिस बुजुर्गों में विकलांगता का एक प्रमुख कारण है। इस मरीज के दोनों घुटने गंभीर रूप से प्रभावित थे, जिससे उनकी गतिशीलता और स्वतंत्रता काफी सीमित हो गई थी। रोबोटिक-असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट ने हमें अत्यंत सटीकता और परिशुद्धता के साथ सर्जरी की योजना बनाने में मदद की।”
डे-केयर सर्जरी का लाभ
रोबोटिक सर्जरी मिनिमली इनवेसिव होने के कारण मरीजों में ब्लड लॉस कम होता है, दर्द कम होता है और रिकवरी तेज होती है। लोकल एनेस्थीसिया का प्रभाव समाप्त होते ही मरीजों को रिहैबिलिटेशन एक्सरसाइज शुरू करने की अनुमति दी जाती है। इसके बाद सहारे के साथ चलना और फिर बिना सहारे चलने की प्रक्रिया शुरू होती है। कुछ मरीज तो सीढ़ियां चढ़ने में भी सक्षम हो जाते हैं। सभी सर्जरी स्टेपल-लेस या स्यूचर-लेस तकनीक से की जाती हैं और घाव को एक साधारण वॉटर-रेसिस्टेंट स्ट्रैप से कवर किया जाता है, जिसे मरीज 12 दिनों बाद स्वयं हटा सकते हैं। इसके लिए किसी अस्पताल या मेडिकल सेंटर जाने की आवश्यकता नहीं होती। प्रत्येक मरीज के लिए एक निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, जिसकी निगरानी विशेषज्ञ डॉक्टरों की समर्पित टीम करती है, जो आपातकालीन स्थिति में भी हर समय उपलब्ध रहती है। अब तक का अनुभव बेहद सकारात्मक रहा है और मरीजों में उत्कृष्ट परिणाम देखने को मिले हैं। इसके अलावा मरीज अपने घर के वातावरण में मानसिक रूप से अधिक सहज महसूस करते हैं और अस्पताल में होने वाले संक्रमणों, विशेष रूप से छाती, मूत्र मार्ग और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमणों से भी सुरक्षित रहते हैं। यह प्रक्रिया डे-केयर सेटअप में सफलतापूर्वक पूरी की गई और मरीज की सर्जरी के बाद की रिकवरी भी पूरी तरह सामान्य रही। रोबोटिक-असिस्टेड तकनीक की मिनिमली इनवेसिव प्रकृति और व्यवस्थित रिकवरी प्रोटोकॉल के कारण उन्हें उसी दिन स्थिर स्थिति में डिस्चार्ज कर दिया गया। रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के फायदों पर आगे प्रकाश डालते हुए, डॉ. भट्टाचार्जी, ने कहा, “आज नी रिप्लेसमेंट कराने वाले मरीज सर्जरी के दिन ही स्वतंत्र रूप से चलना शुरू कर सकते हैं और अधिकांश मरीजों को 48 घंटे के भीतर डिस्चार्ज कर दिया जाता है। यह पारंपरिक परिणामों की तुलना में एक बड़ा बदलाव है, जो मरीजों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है। रोबोटिक-असिस्टेड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी बेहतर सर्जिकल सटीकता, कम कॉम्प्लीकेशन्स और तेज रिकवरी सुनिश्चित करती है। मिनिमली इनवेसिव तकनीक और रियल-टाइम इमेजिंग की मदद से अब हम प्रत्येक मरीज की शारीरिक संरचना के अनुरूप अत्यंत सटीक इम्प्लांट प्रदान कर सकते हैं। वर्तमान में मरीज स्वस्थ रूप से रिकवरी कर रही हैं। उन्हें घुटनों के दर्द से काफी राहत मिली है और वह धीरे-धीरे अपनी ताकत, आत्मविश्वास और गतिशीलता पुनः प्राप्त कर रही हैं। उनकी रिकवरी यह दर्शाती है कि डे-केयर रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी मरीजों को कम रिकवरी समय में बेहतर परिणाम प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
यह सफल सर्जरी मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत स्थित मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट की विशेषज्ञता को भी रेखांकित करती है, जो अत्याधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक उपचार प्रोटोकॉल और व्यापक रिहैबिलिटेशन सहायता के माध्यम से एडवांस्ड ऑर्थोपेडिक समाधान उपलब्ध करा रहा है। विशेषज्ञों की समर्पित टीम और अत्याधुनिक रोबोटिक सिस्टम्स के साथ अस्पताल मरीजों को व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करने और उन्हें फिर से सक्रिय एवं दर्द-मुक्त जीवन जीने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
