कोटा के बॉयज हॉस्टल में घुसा 5 फीट का मगरमच्छ, छात्रों में मचा हड़कंप
July 19, 2026
बरसात का सीजन शुरू होते ही कोटा में सांप व मगरमच्छ का आंतक शुरू हो जाता है। घर, दुकान, हॉस्टल व सार्वजनिक जगह, सड़कों तक पर मगरमच्छ घूमते नजर आते हैं। ऐसा ही एक मामला तब सामने आया, जब कोटा के बोरखेड़ा इलाके में कोचिंग ऐरिया कोरल पार्क के एक बॉयज हॉस्टल में मगरमच्छ घुस गया। इस दौरान हॉस्टल के मेस में खाना बना रहे कुक डरकर भाग गए। वहीं हॉस्टल में मगरमच्छ घुसने की सूचना मिलते ही पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया।
हॉस्टल कर्मचारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर को करीब चार से पांच फीट लंबा मगरमच्छ हॉस्टल के बेसमेंट स्थित मेस में घुस आया। इस दौरान मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने जैसे ही मगरमच्छ को देखा, वे जान बचाकर बाहर भाग निकले। घटना से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी दहशत फैल गई। मगरमच्छ की पूरी एंट्री मेस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि मगरमच्छ सीढ़ियों से होते हुए धीरे-धीरे मेस के अंदर पहुंच गया।
मगरमच्छ को देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और कुछ ही समय में पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र मौके पर इकट्ठा हो गए। कुछ छात्रों ने खुद ही मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इससे मगरमच्छ और घबरा गया और मेस के भीतर इधर-उधर भागने लगा। इससे काफी देर तक हॉस्टल परिसर में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
बताया जा रहा है कि हॉस्टल के पास से एक बड़ा नाला गुजरता है। आशंका है कि मगरमच्छ उसी नाले से निकलकर हॉस्टल में पहुंच गया। हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया। वनकर्मी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और बाद में उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। घटना के बाद छात्रों और हॉस्टल स्टाफ ने राहत की सांस ली।
वहीं दूसरी ओर कोटा शहर के आबादी वाले इलाके में 10 फीट लंबा अजगर देखा गया। अजगर सड़क किनारे खड़ी एक कार के पास छिपा था। उसका वजन करीब 30 से 40 किलो था। रात के अंधेरे में लोगों को कार के पास हलचल नजर आई। जब रोशनी डालकर देखा तो भारी-भरकम अजगर देखकर लोग डर गए। अजगर चंबल गार्डन रोड स्थित आधारशिला के सामने शुक्रवार रात को देखा गया। बाद में रेस्क्यू करके अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
