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गिलगिट बाल्टिस्तान को 5वां प्रांत बनाने की तैयारी में शहबाज-मुनीर! पास हुआ रेजोल्यूशन


पिछले महीने 7 जून को पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले गिलगिट बाल्टिस्तान प्रांत में चुनाव हुए थे, जहां पर धांधली के आरोपों के बीच बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी को जिताया गया था और अमजद हुसैन को शिया बाहुल्य कब्जे वाले बाल्टिस्तान का मुख्यमंत्री बनवाया गया था. इसके साथ ही एक पार्टी के पास पूर्ण बहुमत ना होने की वजह से शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) और पीपीपी के बीच पाकिस्तानी सेना ने पॉवर शेयरिंग एग्रीमेंट हुआ था जिसके तहत मुख्यमंत्री और स्पीकर पीपीपी का होगा. वहीं गवर्नर और डिप्टी स्पीकर पीएमएल(एन) का होगा.

अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पाकिस्तान ने 78 साल से अपने कब्जे वाले गिलगिट बाल्टिस्तान को पांचवा प्रांत बनाने की अवैध प्रक्रिया शुरू की है जिसके तहत कल गुरुवार को अपने कब्जे वाले गिलगिट बाल्टिस्तान की विधानसभा से गिलगिट बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का पांचवा प्रांत बनने का निर्विरोध जॉइंट रेजोल्यूशन पास करवाया गया है और जॉइंट रिज़ोल्यूशन की कॉपी पर पाकिस्तान परस्त पार्टी पीपीपी के मुख्यमंत्री, स्पीकर साथ ही पीएमएल (एन) के नेता विपक्ष और डिप्टी स्पीकर और 2 निर्दलीय विधायकों के भी हस्ताक्षर करवा कर पाकिस्तान को भेजा गया है ताकि इस अवैध प्रक्रिया को पाकिस्तानी संसद संविधान संशोधन करके लागू कर सके और गिलगिट बाल्टिस्तान को पांचवा प्रांत घोषित करके उसका अवैध अधिग्रहण कर सके.

असल में साल 2019 में जब भारत ने जम्मू कश्मीर से 370 और 35 A हटाया था तो पाकिस्तान ने धमकी दी थी की वो भी गिलगिट बाल्टिस्तान में Semi-Autonomy वाली व्यवस्था खत्म कर देगा और इसी कड़ी में गिलगिट बाल्टिस्तान को पांचवा प्रांत बनाने की प्रक्रिया पर विचार शुरू हुआ था. हालांकि तत्कालीन इमरान खान की सरकार ने सिर्फ भारत पर दबाव बनाने के लिए इसे धमकी की तरह प्रयोग किया था और उस समय क्योंकि गिलगिट बाल्टिस्तान में पीटीआई की सरकार थी तो स्थानीय सरकार ने गिलगिट बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का प्रांत बनाने का विरोध किया था.

हालांकि अब जब गिलगिट बाल्टिस्तान में बिलवाल भुट्टो और शहबाज शरीफ की साझेदार सरकार बन गई जैसा की पाकिस्तान के केंद्र भी दोनों पार्टी मिलकर सरकार चला रही है तो कल विधानसभा में गिलगिट बाल्टिस्तान को पांचवां प्रांत बनने का रेजोल्यूशन पास करवा दिया गया जिसमे ना सिर्फ गिलगिट बाल्टिस्तान प्रांत को अवैध रूप से पाकिस्तान का पांचवा प्रांत बताने की बात की गई है बल्कि गिलगिट बाल्टिस्तान में पाकिस्तानी संसद और सीनेट की सीट देने की भी मांग की गई है.

अभी तक पाकिस्तान में लागू व्यवस्था के मुताबिक पाकिस्तान के संविधान के अनुसार वहां पर केवल 4 प्रांत पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख़्वाह है जहां पर पाकिस्तान के कानून पूरी तरह लागू होते हैं और इन्हीं राज्यों से सदस्य पाकिस्तान की संसद और सीनेट में चुने जाते हैं. साथ ही इन प्रांतों में अपनी अपनी विधानसभा है, लेकिन गिलगिट बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान के कब्जे के विवाद की वजह से उसे प्रांत का दर्जा नहीं दिया गया था. इसके साथही सेमी-ऑटोनोमस व्यवस्था थी जिसमें गिलगिट बाल्टिस्तान में कानून तो पाकिस्तान के लागू होते थे, लेकिन गिलगिट बालिस्तान के मुख्यमंत्री और गवर्नर के पास इतनी शक्तियां थीं कि उन्हें पाकिस्तान पर निर्भर नहीं रहना होता था.

गिलगिट बाल्टिस्तान पाकिस्तान का कब्जा किया हुआ इलाका है ऐसे में उसे पाकिस्तान ने कभी प्रांत घोषित नहीं किया लेकिन अब गिलगिट बालिस्तान में पाकिस्तान परस्त सरकार बनवा कर उसे पांचवा प्रांत बनाने की तैयारी पाकिस्तान ने शुरू कर दी जिसका पहला स्टेज विधानसभा से रेजोल्यूशन पास करवा कर पूरा हुआ है.

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