लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को श्नवाबों के शहरश् से श्स्मार्ट सिटीश् बनाने के तमाम दावे उस समय जमींदोज हो गए, जब नगर निगम के जोन-3 के अंतर्गत आने वाले मुख्य मार्ग सीतापुर रोड पर गंदगी का अंबार और नरकीय हालात देखने को मिले। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि प्रदेश के कद्दावर नेता और प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना की हालिया सख्त फटकार का भी स्थानीय अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ है।
अधिकारियों की लापरवाही के चलते महापौर सुषमा खर्कवाल की दिन-रात की मेहनत पर पानी फिर गया है, वहीं नगर आयुक्त की श्वाकी-टॉकीश् वाली सख्त मॉनिटरिंग भी जोन-3 में आकर दम तोड़ती नजर आ रही है।
सीतापुर रोड पर जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, बजबजाती नालियां और उससे उठती सड़ंध ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए जिम्मेदार सफाई इंस्पेक्टर धरातल से पूरी तरह नदारद हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मुआयना करने नहीं पहुंच रहा है। ऐसा लगता है कि जोन-3 के अधिकारियों ने प्रभारी मंत्री के निर्देशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
यह पूरा इलाका लखनऊ की उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहाँ से डॉ. नीरज बोरा लगातार दूसरी बार विधायक हैं। विधायक द्वारा क्षेत्र के विकास और स्वच्छता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम के लापरवाह सिस्टम ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
अब क्षेत्र की जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है और वह सीधे अपने जनप्रतिनिधि से सवाल पूछ रही है कि ष्जब दो बार भारी बहुमत से जिताने के बाद भी हमें इस नरक और गंदगी में रहना पड़ रहा है, तो आखिर हम आने वाले चुनावों में आपको दोबारा वोट क्यों दें? नगर निगम के इस निकम्मेपन का खामियाजा जनता और नेता क्यों भुगतें?ष्
महापौर शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए लगातार औचक निरीक्षण कर रही हैं। वहीं, नगर आयुक्त लगातार अपने मातहतों को श्वाकी-टॉकीश् के जरिए एक्टिव रहने के निर्देश देते हैं। लेकिन जोन-3 के इंजीनियरिंग और सफाई विंग ने इन सभी आला अधिकारियों के आदेशों को हवा में उड़ा दिया है। स्थिति देखकर साफ है कि जमीनी स्तर पर कोई समन्वय नहीं है।
बरसात और उमस के इस मौसम में सीतापुर रोड पर फैली यह गंदगी केवल बदबू ही नहीं फैला रही, बल्कि संक्रामक बीमारियों डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड को खुला आमंत्रण दे रही है।
स्थानीय संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय और नगर विकास विभाग से मांग की है कि जोन-3 के जिम्मेदार सफाई इंस्पेक्टर और जोनल अधिकारी के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाए, ताकि वीआईपी शहर की साख को बट्टा लगाने वाले इन लापरवाहों को कड़ा सबक मिल सके।
