लखनऊः वन महोत्सव पर अग्रशील इंफ्राटेक की हरित पहल, आश्रयम में लगाए जाएंगे 3 हजार के करीब पेड़
July 09, 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के मानसून वृक्षारोपण अभियान के तहत इस वर्ष प्रदेशभर में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के लक्ष्य को गति मिल रही है। इसी कड़ी में वन महोत्सव के अवसर पर अग्रशील इंफ्राटेक ने भी हरित विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए लखनऊ स्थित अपने प्रोजेक्ट आश्रयम में पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। कंपनी ने इस मानसून सीजन में परियोजना परिसर में 3 हजार के करीब पेड़ लगाने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही परियोजना में रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी जल संरक्षण व्यवस्थाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि हरियाली के साथ भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके।उत्तर प्रदेश सरकार का यह अभियान प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन देने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अग्रशील इंफ्राटेक ने अपने आवासीय प्रोजेक्ट में बड़े स्तर पर पौधरोपण का निर्णय लिया है। वन महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की। कंपनी का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें निजी क्षेत्र और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।अग्रशील इंफ्राटेक की सीईओ प्रेक्षा सिंह ने कहा उत्तर प्रदेश सरकार का 35 करोड़ पौधरोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और निजी क्षेत्र की भागीदारी से ऐसे प्रयासों को और मजबूती मिल सकती है। उन्होंने कहा, ष्आश्रयम में 3 हजार के करीब पौधे लगाने के साथ-साथ हमने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को भी परियोजना का अहम हिस्सा बनाया है। हमारा उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल पुनर्भरण को भी बढ़ावा देना है। हमारा मानना है कि टिकाऊ विकास तभी संभव है, जब पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ें।कंपनी के अनुसार, आश्रयम में पौधरोपण के साथ-साथ इन पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि यह पहल क्षेत्र के हरित वातावरण को मजबूत बनाने में योगदान दे सके। अग्रशील इंफ्राटेक ने लोगों से पौधरोपण के साथ-साथ वर्षा जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे छोटे-छोटे प्रयास भविष्य में जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
