लखनऊ। नगर आयुक्त के कड़े निर्देशों के बाद लखनऊ नगर निगम का जोन 3 पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शहर में बिना लाइसेंस के व्यापार करने वालों और डिफाल्टरों के खिलाफ नगर निगम ने अपनी मुहिम तेज कर दी है। इसी क्रम में टैक्स सुपरिटेंडेंट के नेतृत्व में चलाई गई विशेष ड्राइव के तहत अब तक रिकॉर्ड 450 से अधिक व्यावसायिक लाइसेंस बनाए जा चुके हैं। इस बड़ी कार्रवाई से नगर निगम के खजाने में तकरीबन 70 लाख रुपये का राजस्व जमा हो चुका है।
नगर आयुक्त की सख्ती का असर धरातल पर साफ नजर आ रहा है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले महज दो दिनों के भीतर ही टीम ने तत्परता दिखाते हुए 100 से अधिक नए लाइसेंस जारी किए हैं।
इस पूरी कार्रवाई को अमलीजामा पहनाने के लिए टैक्स सुपरिटेंडेंट आलोक श्रीवास्तव खुद मोर्चे पर डटे रहे। उनके साथ फील्ड में सक्रिय रही विशेष टीम में विशाल श्रीवास्तव (राजस्व निरीक्षक),स्वाती श्रीवास्तव (राजस्व निरीक्षक),उदय त्रिपाठी (राजस्व निरीक्षक),निजाम (राजस्व निरीक्षक) शामिल रहे।
जोन 3 की इस तेज रफ्तार कार्रवाई को देखते हुए इस वित्तीय वर्ष में पिछले सारे रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछला संपूर्ण वित्तीय वर्ष मे तकरीबन 700 लाइसेंस बने थे।चालू वित्तीय वर्ष (अब तक) 450 से अधिक लाइसेंस बन चुके है और विगत मात्र 2 दिनों में 100 से अधिक लाइसेंस बनाये जा चुके है।
टैक्स सुपरिटेंडेंट आलोक श्रीवास्तव ने व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या सीलिंग से बचने के लिए समय रहते अपने व्यावसायिक लाइसेंस बनवा लें अथवा उनका नवीनीकरण (रिन्यूअल) करा लें। उन्होंने साफ किया कि बिना लाइसेंस के चल रहे प्रतिष्ठानों के खिलाफ आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा।
