Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

लखनऊः आध्यात्मिक उत्सव की बयाररू मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर मुनिराज का ऐतिहासिक चातुर्मास स्थापना महोत्सव 19 जुलाई को


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इस वर्ष एक महान आध्यात्मिक और धार्मिक समागम की साक्षी बनने जा रही है। सुप्रसिद्ध मेडिटेशन गुरु, परम पूज्य उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर मुनिराज (ससंघ) के पावन सान्निध्य में आज यहाँ एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस वार्ता में उपाध्याय श्री के आगामी लखनऊ चातुर्मास स्थापना महोत्सव-2026 की रूपरेखा साझा करने के साथ-साथ उनके असाधारण आध्यात्मिक सफर और लोक-कल्याणकारी कार्यों पर प्रकाश डाला गया।

प्रेस वार्ता के दौरान आयोजकों ने बताया कि उपाध्याय श्री विहसंत सागर मुनिराज (ससंघ) का वर्ष 2026 का ऐतिहासिक वर्षा योग (चातुर्मास) लखनऊ की पावन धरा पर होने जा रहा है।मुख्य आयोजनरू चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव दिनांक व समयरू 19 जुलाई 2026 स्थानरू सीएमएस  ऑडिटोरियम, सीएमएस कानपुर रोड परिसर, लखनऊ। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में जैन श्रद्धालु, धर्मप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक लखनऊ पहुँच रहे हैं।

उपाध्याय श्री केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए समर्पित रहे हैं। प्रेस वार्ता में उनके द्वारा समाज और धर्म के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक कार्यों के आंकड़े उनकी अद्वितीय दूरदर्शिता को दर्शाते हैं।

उपाध्याय श्री विहसंत सागर मुनिराज अपने कठोर तप, ध्यान साधना, अद्वितीय संयम और वचन-सिद्धि के लिए संपूर्ण राष्ट्र में श्रद्धेय हैं। उनके संकल्पों की कठोरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ष्मंदिर जीर्णोद्धार के प्रत्येक संकल्प के साथ वे अपनी किसी एक प्रिय वस्तु का त्याग करते हैं और कार्य पूर्ण होने पर उसका आजीवन परित्याग कर देते हैं। अपनी इस कठोर साधना के अंतर्गत उन्होंने जीवनभर के लिए अनेक सांसारिक वस्तुओं एवं सभी प्रकार की औषधियों का भी पूर्ण त्याग कर रखा है।

लखनऊ जैन समाज और स्थानीय नागरिकों में इस चातुर्मास को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमियों से अपील की है कि वे 19 जुलाई को आयोजित होने वाले इस भव्य चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव में सम्मिलित होकर उपाध्याय श्री का आशीर्वाद प्राप्त करें और अपने जीवन को मंगलमय बनाएं।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |