बलिया। रेवती थाना क्षेत्र में कथित पुलिस मारपीट के मामले में जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। प्रकरण में लापरवाही के आरोप में एक उपनिरीक्षक और एक आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए आमजन से 24 जुलाई तक साक्ष्य एवं बयान उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने बताया कि थाना रेवती में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 213ध्2026, धारा 191(2), 103(1), 131 एवं 352 बीएनएस से संबंधित प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ग्राम गायघाट निवासी विशाल गोड पुत्र रामजी गोड की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में आरोप है कि 7 जुलाई 2026 को सूरज कन्नौजिया के खेदन चैराहे स्थित मुर्गा मीट की दुकान पर हुए विवाद और मारपीट के बाद 8 जुलाई को वादी के पिता को थाना रेवती के उपनिरीक्षक सचिन सरोज तथा आरक्षी अंकित सिंह द्वारा थाने ले जाकर मारपीट की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक बलिया ने संबंधित पुलिसकर्मियों पर अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने का आरोप पाते हुए उपनिरीक्षक सचिन सरोज एवं आरक्षी अंकित सिंह को निलंबित कर दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया।
जिलाधिकारी के आदेश पर 14 जुलाई 2026 को अपर जिला मजिस्ट्रेट अनिल कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से संबंधित कोई दस्तावेज, साक्ष्य या जानकारी हो तो वह 24 जुलाई 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे के बीच उनके न्यायालय अथवा कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है।
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