बलिया। बैरिया विधानसभा में गंगा-घाघरा के कटानरोधी कार्यों की गुणवत्ता और करोड़ों रुपये के सरकारी व्यय को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी सूर्यभान सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से भारी धनराशि खर्च होने के बावजूद कटान की समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे हर वर्ष लोगों के घर, खेत और आबादी नदी में समा रही है।
बैरिया विधानसभा के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी सूर्यभान सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि सरकार ने समय-समय पर कटानरोधी कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई, लेकिन धरातल पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुए तथा शिकायतों के बावजूद विभागीय स्तर पर केवल औपचारिक जांच कर मामलों का निस्तारण कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ का मौसम शुरू होते ही गंगा और घाघरा के तटवर्ती क्षेत्रों में कटान तेज हो गया है। ऐसे में वर्तमान में चल रहे सभी कटानरोधी कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और सरकारी धन के उपयोग की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही यह भी सार्वजनिक किया जाए कि बैरिया विधानसभा में अब तक कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, किन-किन स्थानों पर खर्च की गई और उससे कितना लाभ मिला।
सूर्यभान सिंह ने कहा कि कटान पीड़ित परिवारों की पीड़ा वही समझ सकता है, जिसकी वर्षों की मेहनत से बनी गृहस्थी और उपजाऊ जमीन नदी में समा गई हो। उन्होंने मुख्यमंत्री से दोषी अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने, कटान प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत, पुनर्वास एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा जिन स्थानों पर कटान रोकना संभव नहीं है, वहां सुरक्षित विस्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री जनहित और सरकार की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। पत्र की प्रतिलिपि आयुक्त आजमगढ़ मंडल, जिलाधिकारी बलिया तथा उपजिलाधिकारी बैरिया को भी प्रेषित की गई है।
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