- निरूशुल्क नेत्र, दंत एवं हृदय रोग चिकित्सा शिविर, नेत्रदान करने वाले समाजसेवी स्व. अनिल मैनी के परिजनों का होगा सम्मान
- मोतियाबिंद ऑपरेशन, दवाएं, लेंस, जांच, भोजन और बस सुविधा रहेगी पूरी तरह निरूशुल्क, नेत्रदान महादान के प्रति जागरूकता का भी दिया जाएगा संदेश
पीलीभीत। जनपद में प्रत्येक माह की 12 तारीख को आयोजित होने वाले निरूशुल्क नेत्र, दंत एवं हृदय रोग चिकित्सा शिविर की श्रृंखला के अंतर्गत इस माह 12 जुलाई को निशक्त जन सेवा संस्थान के तत्वावधान में एक बार फिर व्यापक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, बरेली के अनुभवी नेत्र, दंत एवं हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक मरीजों की जांच, परामर्श एवं आवश्यक चिकित्सीय सेवाएं प्रदान करेगी। शिविर का आयोजन अंकुर राइस मिल, असम चैराहा के निकट, पूरनपुर रोड, पीलीभीत में किया जाएगा। शिविर में आने वाले मरीजों का निःशुल्क पंजीकरण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नेत्र परीक्षण किया जाएगा। जिन मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि होगी, उनका रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, बरेली में पूरी तरह निःशुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा। मरीजों को ऑपरेशन के लिए आने-जाने की बस सुविधा, भोजन, दवाएं, लेंस तथा अन्य आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त दंत रोग एवं हृदय रोग विशेषज्ञों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर तथा ईसीजी जैसी महत्वपूर्ण जांचें भी पूरी तरह निरूशुल्क की जाएंगी, जिससे आमजन को एक ही स्थान पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
इस बार शिविर का प्रमुख आकर्षण ष्नेत्रदान महादानष् अभियान रहेगा। शिविर के दौरान अपने जीवनकाल में नेत्रदान का संकल्प लेकर मानव सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने वाले समाजसेवी स्वर्गीय अनिल मैनी के परिजनों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान बरखेड़ा विधायक एवं महामंडलेश्वर स्वामी प्रवक्तानंद महाराज, जिलाधिकारी तथा जनपद न्यायाधीश की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है। इस अवसर पर नेत्रदान के महत्व तथा उसके सामाजिक सरोकारों पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। निशक्त जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं समाजसेवी अमृतलाल ने कहा कि स्वर्गीय अनिल मैनी का जीवन समाज सेवा, मानवीय संवेदनाओं और परोपकार का प्रेरणादायी उदाहरण रहा है। उन्होंने अपने जीवनकाल में नेत्रदान का संकल्प लेकर यह सिद्ध किया कि मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में प्रकाश फैलाया जा सकता है। उनका यह निर्णय समाज के लिए एक अमूल्य संदेश है और आने वाली पीढ़ियों को मानव सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अनिल मैनी के परिजनों का सम्मान केवल एक परिवार का सम्मान नहीं, बल्कि नेत्रदान जैसे महान कार्य के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास है। यदि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान का संकल्प लें तो हजारों दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान ऐसा महादान है, जो किसी व्यक्ति के निधन के बाद भी दो लोगों की आंखों में उजाला भर सकता है और उन्हें नई जिंदगी दे सकता है।
अमृतलाल ने बताया कि निशक्त जन सेवा संस्थान का उद्देश्य केवल चिकित्सा शिविर आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और जागरूकता की भावना को भी मजबूत करना है। संस्थान लगातार जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ नेत्रदान, रक्तदान और जनहित के विभिन्न अभियानों के माध्यम से लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में 12 जुलाई को आयोजित इस शिविर में पहुंचकर निरूशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं तथा नेत्रदान जैसे मानवीय अभियान से जुड़कर समाज में जागरूकता फैलाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि ष्नेत्रदान महादान है। आइए, हम सभी संकल्प लें कि अपने जीवन के बाद भी किसी की अंधेरी दुनिया को रोशन करने का माध्यम बनेंगे।ष् शिविर के आयोजकों ने बताया कि अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति शकीब उद्दीन से मोबाइल नंबर 8534088093 पर संपर्क कर सकते हैं।
