नोटिस जारी करते हुए अगली तिथि 3 अगस्त 2026 निर्धारित करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 8 मई को आदेश किये गए लेटर ऑफ इंटेंट को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।
सोनभद्र। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के भूमिधरी खनन पट्टों को लेकर 12 जनवरी 2026 को सोनभद्र में कई खनन क्षेत्रों के लिए ई-नीलामी निकाली गई थी। इसमें कांत कंस्ट्रक्शन ने एक पट्टे के लिए 1051 रुपए प्रति घन मीटर की सबसे ऊंची बोली लगाई थी, जबकि बेस प्राइस 165 रुपए तय था।
इसके बाद भी कंपनी की बोली ये कहकर कैंसिल कर दी गई कि उसने एफिडेविट, डिमांड ड्राफ्ट और चालान की हार्ड कॉपी जमा नहीं की। बाद में यही पट्टा 207 रुपए प्रति घन मीटर की बोली लगाने वाली मां दुर्गा माइनिंग वर्क्स को दे दिया गया।इसी तरह दो अन्य पट्टों में 333-333 रुपए की बोलियां कैंसिल कर 201 और 202 रुपए वाली कंपनियों को ठेका दे दिया गया।जिसके बाद मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद
कोर्ट ने इसे नीलामी प्रक्रिया में हेराफेरी का मामला माना। जस्टिस अरिंदम सिन्हा और सत्यवीर सिंह की डिवीजन बेंच ने डीएम की ओर से जारी LOI (लेटर ऑफ इंटेंट) रद्द कर दिया। कोर्ट ने प्रशासन को याचिकाकर्ता कांत कंस्ट्रक्शन कंपनी और रुद्रा एंटरप्राइजेज के पक्ष में 8 मई 2026 को नया LOI जारी करने का आदेश दे दिया।
जिसके बाद माँ दुर्गा माइनिंग वर्क्स ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका दायर कर दिया।जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए अगली तिथि 3 अगस्त 2026 निर्धारित करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 8 मई को आदेश किये गए लेटर ऑफ इंटेंट को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।जिसके साथ ही सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 3 अगस्त तक प्रभावी रहने का आदेश दे दिया है।
