सोनभद्र। सर्वाधिक घने वन क्षेत्र में कुल 8 पावर प्रोजेक्ट लगाए जाने का प्रस्ताव है यह पावर प्रोजेक्ट 30 किलोमीटर के एरिया में वन क्षेत्र एवं निजी भूमि में यह पावर प्रोजेक्ट लगाए जाने हैं, जिससे लाखों की संख्या में पेड़ कटेंगे जिसको देखते हुए किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा व आदिवासी समाज के लोग आंदोलित हैं इससे पहले भी जनसुनवाई के दौरान आदिवासी समाज के लोगों ने जमकर इसका विरोध किया उनका कहना है कि उनके पूर्वजों के द्वारा इस जंगल को बचाया गया है। वही आज सरकार के द्वारा इसी सबसे घने वन क्षेत्र में इन पावर प्रोजेक्ट को लगाया जा रहा है । यह आदिवासियों के अधिकार हक और हकूक के खिलाफ है जिसको लेकर हम लड़ाई लड़ेंगे इसी क्रम में आज किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा और आदिवासी समाज के लोगों ने भाजपा कार्यालय पर पहुंचकर भाजपा जिला अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौपा और यह मांग किया कि वह सरकार में बात कर इन प्रोजेक्ट को कहीं और शिफ्ट किए जाने का प्रयास किया जाए अन्यथा आदिवासी समाज और किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा आगे और भी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा और आदिवासी समाज के लोगों द्वारा संयुक्त रूप से भाजपा कार्यालय पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की वहीं लोगों का कहना है कि सोनभद्र क्षेत्र के जंगल को उजाड़ने के लिए सोनभद्र के सर्वाधिक घने वन क्षेत्र में 8 पावर प्रोजेक्ट लगाए जा रहे हैं। जिसके वजह से यह घना वन उजड़ जाएगा और इन कंपनियों के द्वारा फैलाई जाने वाले प्रदूषण से यहां के लोगों का सांस लेना दुबर हो जाएगा। जिसको देखते हुए भाजपा कार्यालय पर पहुंचकर भाजपा जिला अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौपा और यह मांग किया कि भाजपा जिला अध्यक्ष भी अपने स्तर से इस मामले में शासन से बात करें की सर्वाधिक घने वन क्षेत्र में यह पावर प्रोजेक्ट ना लगाया जाए बल्कि अन्यत्र जगह इन्हें शिफ्ट किया जाय। अगर ऐसा नही होता है तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा और आदिवासी समाज के द्वारा संयुक्त रूप से आगे और भी उग्र प्रदर्शन किया जाएगा
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