गर्मी बढ़ने के साथ दिल्ली में आग लगने की घटनाओं में तेजी आई है. फायर विभाग को रोजाना 200 से ज्यादा इमरजेंसी कॉल मिल रही हैं. सबसे बड़ी समस्या उन इलाकों में सामने आती है जहां गलियां बेहद संकरी हैं या फायर स्टेशन काफी दूर स्थित हैं.
ऐसे मामलों में बड़ी दमकल गाड़ियों के पहुंचने में देरी हो जाती है. इन गाड़ियों से उन इलाकों में आग की घटनाओं पर काबू पाने मे काफी मदद मिलेगी, जहां फायर स्टेशन दूर है, आग की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक होती है या बड़ी फायर गाड़ियों के पहुंचने में दिक्कत आती है.
फिलहाल दिल्ली फायर सर्विस के पास 24 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल हैं. नई 26 गाड़ियों के शामिल होने के बाद यह संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी. विभाग इन्हें उन संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात करेगा जहां आग लगने की घटनाएं अधिक होती हैं या पहुंच संबंधी दिक्कतें बनी रहती हैं.
अधिकारियों के मुताबिक कई जगह QRV को दिल्ली पुलिस की PCR यूनिट के साथ रखा जाएगा. अक्सर लोग आग लगने पर सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करते हैं, जिससे सूचना फायर विभाग तक पहुंचने में कुछ समय लग जाता है. नई व्यवस्था में पुलिस और फायर दोनों टीमें एक साथ मौके पर पहुंच सकेंगी.
