शशि थरूर ने की मोदी की तारीफ तो भड़की कांग्रेस, तिरुवनंतपुरम सांसद ने दिया ये जवाब
June 21, 2026
कांग्रेस सांसद शशि थरूर और उनकी पार्टी के बीच पिछले कुछ समय से कई मुद्दों पर मतभेद देखने को मिलते रहे हैं. खासकर जब भी थरूर किसी अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हैं, कांग्रेस के भीतर बहस शुरू हो जाती है. अब जी-7 सम्मेलन में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी के रुख का समर्थन करने के बाद थरूर एक बार फिर अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शशि थरूर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि लगता है थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा अब इतनी बढ़ गई है कि वह ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कही ही नहीं. खेड़ा ने कहा कि थरूर ने पीएम मोदी की ऐसी सख्त कूटनीति और बयान सुन लिए जो आधिकारिक रिकॉर्ड में कहीं दर्ज ही नहीं हैं. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि शायद बाकी लोग सामान्य इंसानों की तरह ही सुन और समझ पाते हैं.
पवन खेड़ा की टिप्पणी के बाद शशि थरूर ने भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने पीएम मोदी की ऐसी बातें बताईं जो उन्होंने कहीं नहीं, जबकि वह सिर्फ उन रिपोर्टों का जिक्र कर रहे थे जो मीडिया में प्रकाशित हुई थीं. थरूर ने कहा कि वह अपने बयान पर पूरी तरह कायम हैं. उनका कहना है कि उन्होंने पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर जो बात कही थी, वह भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ी थी.
थरूर ने कहा कि वह लगातार पढ़ते हैं और जो पढ़ते हैं उसे याद भी रखते हैं. उन्होंने कहा कि उनके पूरे सार्वजनिक जीवन में कभी किसी ने उन पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप नहीं लगाया. उन्होंने कहा कि उन्होंने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर ही अपनी टिप्पणी की थी और आज भी उस पर कायम हैं.
पवन खेड़ा की टिप्पणी से पहले थरूर ने इस पूरे विवाद पर नाराजगी भी जताई थी. उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे को राजनीतिक विवाद में बदल देना हैरान करने वाला है. थरूर ने कहा कि हाल की घटनाओं में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है और उनकी चिंता सिर्फ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर थी. उनका कहना था कि युद्ध के दौरान व्यापारिक जहाजों पर काम करने वाले नागरिक नाविकों को किसी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोग इस मुद्दे पर चिंता जताने के बजाय राजनीति करने में ज्यादा रुचि रखते हैं तो यह उनकी सोच को दिखाता है.
शशि थरूर ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने भारत का पक्ष पूरी स्पष्टता के साथ रखा था. उनका कहना था कि पीएम मोदी ने सार्वजनिक और निजी दोनों बैठकों में साफ कहा कि युद्ध के दौरान व्यापारिक जहाजों पर काम करने वाले नागरिक नाविक सैनिक नहीं होते, इसलिए उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. थरूर के मुताबिक यही संदेश पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति तक पहुंचाया.
थरूर के बयान को भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति की तारीफ बताया. भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि शशि थरूर ने राहुल गांधी की राजनीति को बेनकाब कर दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता खुद पीएम मोदी की विदेश नीति और कूटनीति की सराहना कर रहे हैं. भंडारी ने दावा किया कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा की बात हो तो पीएम मोदी सबसे आगे रहते हैं, जबकि राहुल गांधी अक्सर इसके उलट रुख अपनाते हैं.
शशि थरूर और कांग्रेस के बीच दूरी ऑपरेशन सिंदूर के बाद और बढ़ गई थी. केंद्र सरकार ने दुनिया के सामने भारत का पक्ष रखने के लिए जो प्रतिनिधिमंडल बनाया था, उसकी अगुवाई के लिए थरूर को चुना गया था. दिलचस्प बात यह रही कि थरूर कांग्रेस की ओर से सुझाए गए नामों में शामिल नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने विदेश जाकर भारत का पक्ष रखा.
