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रूद्रपुर: नैनीताल नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवालरू पार्किंग से सफाई तक घिरा प्रशासन! ईओ रोहिताश शर्मा की कार्यशैली से नाराजगी


  • पार्किंग व्यवस्था और धरातल पर कार्यों को लेकर उठ रहे सवाल
  • हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है सफाई व्यवस्था का मामला, फिर भी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में गाइड लाइसेंस को लेकर उठे सवालों के बाद अब नगर पालिका की अन्य व्यवस्थाएं भी चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पर्यटन नगरी होने के बावजूद शहर की पार्किंग व्यवस्था, सफाई व्यवस्था और धरातल पर होने वाले कार्यों को लेकर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा सवालों के घेरे में हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका की पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और पार्किंग ठेकों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि नैनीताल जैसे संवेदनशील पर्यटन स्थल पर पार्किंग व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि नगर पालिका की ओर से कई कार्य केवल कागजों तक सीमित दिखाई देते हैं, जबकि धरातल पर उनका असर नजर नहीं आता। लोगों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहती हैं।

सबसे बड़ा सवाल सफाई व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। नैनीताल की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर मामला पूर्व में हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई थी और नगर पालिका प्रशासन से व्यवस्थाओं को बेहतर करने की अपेक्षा जताई थी कोर्ट द्वारा शहर की स्थिति पर संज्ञान लिए जाने के बाद अधिशासी अधिकारी को निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। नगर पालिका बोर्ड के कुछ सदस्यों में भी ईओ की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष की चर्चाएं सामने आती रही हैं। जनप्रतिनिधियों का मानना है कि पर्यटन नगरी जैसे महत्वपूर्ण शहर में निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी और जनता के हित में होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नैनीताल की पहचान केवल खूबसूरत झीलों और पर्यटन से नहीं है, बल्कि यहां की व्यवस्थाएं भी शहर की छवि बनाती हैं। यदि सफाई, पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं पर गंभीरता से काम नहीं हुआ तो इसका असर सीधे पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर पड़ेगा। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या नगर पालिका प्रशासन इन आरोपों और सवालों का जवाब देकर व्यवस्थाओं में सुधार करेगा या फिर विवादों का सिलसिला जारी रहेगा?

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