भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का फाइनल हाई-स्पीड ट्रायल हुआ सफल
June 27, 2026
आज देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का फाइनल हाई-स्पीड ट्रायल किया गया। हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल दिल्ली और जींद सेक्शन पर किया गया। इस दौरान ट्रेन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी। ट्रायल के दौरान, ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम, इंजन की क्षमता, ट्रैक पर स्थिरता और बाइब्रेशन लेवल की जांट की गई। टेक्निकल कैपेबिलिटी और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को देखा गया।
बता दें कि ये पूरा ट्रायल Research Designs and Standards Organisation की टेक्निकल टीम की निगरानी में हुआ। हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इससे न एयर पॉल्यूशन होता है और ना ही साउंड पॉल्यूशन। हाइड्रोजन ट्रेन फ्यूल सेल तकनीक पर काम करती है। इस प्रोसेस के दौरान, सिर्फ पानी और भाप निकलती है जो एनवायरमेंट के लिए बेहतर है।
जिन इलाकों में फिलहाल रेलवे ट्रैक पर ओवरहेड वायरिंग नहीं है, वहां हाईड्रोजन ट्रेन बेहतर विकल्प बन सकती हैं। भारत की पहली हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलेगी। ये ट्रेन नीले रंग की होगी। सबकुछ ठीक रहा तो अगले महीने से ये ट्रेन पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी।
गौरतलब है कि हाइड्रोजन ट्रेन का लो-स्पीड ट्रायल पहले सफल रहा था। ट्रायल में ट्रेन के सफल रहने पर इसे कमर्शियल सर्विस के लिए मंजूरी मिलने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
बीते 27 मई को भारतीय रेलवे ने नॉर्दर्न रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर 10-कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल-बेस्ड ट्रेन चलाने की मंजूरी दी। रेल मंत्रालय के मुताबिक, यह ट्रेन जल्द शुरू होने के लिए तैयार है और 1200 KW हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम का प्रयोग करके 75 kmph की अधिकतम स्पीड से चलेगी।
