पीलीभीत। भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कमेटी के गठन के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि नई टीम में शामिल दो ऐसे चेहरे हैं, जिनका जिले से सीधा और पुराना जुड़ाव रहा है। यही वजह है कि कमेटी गठन के बाद जिले के भाजपाइयों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और दोनों पदाधिकारियों से संपर्क कर पुराने संबंधों में फिर से गर्मजोशी लाई जा रही है। राजनीतिक हलकों में इसे आगामी चुनावी और संगठनात्मक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।भाजपा संगठन में अहम जिम्मेदारी पाने वाले पूरनलाल लोधी को आला कमान ने ब्रज प्रदेश का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है हालांकि इनका जिले से पुराना नाता रहा है। वह वर्ष 2017 से 2018 तक और फिर 2020 में जिले के प्रभारी रह चुके हैं। जिले के संगठनात्मक ढांचे, स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और कार्यकर्ताओं की कार्यशैली से वह भलीभांति परिचित माने जाते हैं। यही कारण है कि उनके फिर से मजबूत भूमिका में आने को भाजपा के लिए जिले में संगठनात्मक मजबूती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि पूरनलाल लोधी के अनुभव का लाभ जिले की राजनीतिक रणनीति और संगठन के विस्तार में मिल सकता है।
वहीं भाजपा की प्रदेश टीम में अब तक प्रदेश मंत्री रहे शंकर लोधी को प्रमोट कर प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। शंकर लोधी का भी जिले से मजबूत राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव माना जाता है। ऐसे में उनके कद में हुई बढ़ोतरी को जिले के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि प्रदेश स्तर पर जिले से जुड़े दो प्रभावशाली चेहरों की मजबूत मौजूदगी भविष्य में संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय का रास्ता खोल सकती है।भाजपा की नई प्रदेश कमेटी को लेकर जिले में यह चर्चा भी तेज है कि पार्टी ने इसके जरिए स्पष्ट संकेत दे दिया है कि आगामी राजनीतिक तैयारियां अंदरखाने तेजी से चल रही हैं। संगठनात्मक बदलावों के बीच मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की चर्चाओं ने भी सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। माना जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व में जिले से जुड़े नेताओं की भूमिका बढ़ने और मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम के चलते आने वाले दिनों में जिले की राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
कमेटी गठन के बाद जिले के कई भाजपाई पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दोनों नेताओं से संपर्क कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पुराने संबंधों को ताजा करने के साथ-साथ जिले के राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी संक्षिप्त चर्चा होने की बात सामने आई है। पार्टी के अंदर इसे कार्यकर्ताओं के मनोबल और सक्रियता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद ने नई टीम के गठन पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में संगठन नई ऊर्जा के साथ काम करेगा। उन्होंने कहा कि जिले में पार्टी को और मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने तथा सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नई टीम के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा। कुल मिलाकर भाजपा की नई प्रदेश टीम ने पीलीभीत की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है और आने वाले समय में इसके दूरगामी राजनीतिक निहितार्थ देखने को मिल सकते हैं।
