लखनऊ। राजधानी के पुराने इलाके चैक की तंग गलियों में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध और अनाधिकृत निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पीर बुखारा चैक और उसके आस-पास के इलाकों में बिना नक्शा पास कराए धड़ल्ले से बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के समस्त निवासियों ने एकजुट होकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष को एक लिखित शिकायती पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय निवासियों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, पीर बुखारा चैक में स्थित श्मोहन चिकन एम्पोरियमश् से लेकर काले इमामबाड़े और नाले के उस पार तक बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य चल रहा है। यहां छोटे-छोटे भूखंडों पर बिना किसी स्वीकृत नक्शे के नियमों का पूरी तरह उल्लंघन करते हुए 6-6 मंजिला अवैध इमारतें निरंतर बनाई जा रही हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि चैक का यह पूरा इलाका बेहद तंग गलियों वाला है। यदि इन संकरी गलियों में बिना सुरक्षा मानकों के इतनी ऊंची इमारतें खड़ी की जाएंगी, तो भविष्य में किसी भी अनहोनी या आपदा के समय जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। यह निर्माण कार्य न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि आम जनमानस के जीवन के लिए भी एक बड़ा खतरा बन चुका है।
क्षेत्रवासी उषा अग्रवाल, पारुल रस्तोगी, नमिता रस्तोगी व अन्य ने हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से एलडीए उपाध्यक्ष से पुरजोर मांग की है कि उक्त स्थान पर चल रहे अनाधिकृत निर्माण कार्य को अविलंब रुकवाया जाए। साथ ही, नियमों के विरुद्ध बनाई जा चुकी अवैध बिल्डिंगों को ध्वस्त (सील और डेमोलिश) किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाले किसी बड़े हादसे से बचा जा सके और स्थानीय जनता का जीवन सुरक्षित रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय निवासियों ने इस शिकायती पत्र की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक, नगर आयुक्त, पुलिस कमिश्नर, नगर मजिस्ट्रेट, जिला अधिकारी और स्थानीय थाना अध्यक्ष को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की है, ताकि इस सिंडिकेट और अवैध निर्माण पर जल्द से जल्द लगाम कसी जा सके।
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