प्रतापगढ़। कानून की रक्षा करने वाली वर्दी पर एक अधिवक्ता ने ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जूनियर बार एसोसिएशन, जिला न्यायालय प्रतापगढ़ व एसपी पोर्टल पर दिए गए शिकायती पत्र में एक अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि कोहंडौर थाना प्रभारी ने उनके घर पहुंचकर न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और परिवार के साथ मारपीट करने तक की धमकी दी। मामले ने अधिवक्ता समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है।
कोहंडौर थाना क्षेत्र के पूरे दयाल गांव निवासी अधिवक्ता दयाशंकर मिश्र ने जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महामंत्री को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि 25 जून को थाना प्रभारी अपने दल-बल के साथ उनके घर पहुंचे। अधिवक्ता का कहना है कि उनके खिलाफ न तो कोई शिकायत लंबित थी और न ही कोई वैधानिक कार्रवाई चल रही थी, इसके बावजूद थाना प्रभारी ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया।
शिकायत में आरोप है कि थाना प्रभारी ने अशोभनीय गालियां देते हुए कहा कि, “तुम साले बड़ा वकील बनकर ज्यादा राजनीति करते हो, तुम्हारे ऊपर इतने मुकदमे लगवा देंगे कि वकालत भूल जाओगे। तुम्हारे घर वालों को मारते हुए यहां से ले जाएंगे। ज्यादा नेतागिरी करोगे तो ठंडा कर दूंगा।”
अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि उक्त व्यवहार का उद्देश्य उन्हें भयभीत करना, उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करना और अधिवक्ता समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाना था। उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसी कानूनी आधार के घर पहुंचकर इस प्रकार की धमकी देना न केवल व्यक्तिगत अधिकारों का हनन है, बल्कि कानून के शासन और पुलिस की निष्पक्षता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
मामले को लेकर अधिवक्ता ने जूनियर बार एसोसिएशन से हस्तक्षेप कर दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ विधिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई कराने की मांग की है। इस घटना के सामने आने के बाद अधिवक्ता समुदाय में रोष व्याप्त है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और कानून के मंदिर से जुड़े अधिवक्ताओं के सम्मान व सुरक्षा का भी विषय बन जाता है।
.jpg)