कोहंडौर/प्रतापगढ़। मजदूरी के दौरान घायल हुए शंकरपुर निवासी घनश्याम सरोज (43) की उपचार के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों ने आरोपित पक्ष पर लापरवाही और सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए तीन दिनों तक शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। पुलिस और प्रशासन के लगातार प्रयासों के बावजूद परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। आखिरकार गुरुवार को प्रशासनिक आश्वासन और आर्थिक सहायता मिलने के बाद चैथे दिन बेल्हा के सई नदी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
घनश्याम सरोज 18 जून को दयाल मिश्र का पुरवा निवासी आदित्य मिश्र के यहां मजदूरी करने गया था। परिजनों का आरोप है कि काम के दौरान वह सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन घटना की सूचना समय पर नहीं दी गई। बाद में परिजन उसे उपचार के लिए प्रतापगढ़, प्रयागराज और फिर एसजीपीजीआई लखनऊ ले गए, जहां 22 जून को उसकी मौत हो गई।
23 जून की रात शव गांव पहुंचने के बाद पत्नी यशोदा ने आरोपित के खिलाफ कार्रवाई और परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया। बुधवार से गुरुवार तक कोहंडौर पुलिस परिजनों को समझाने में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली।
गुरुवार को डीपीआरओ, तहसीलदार कृपा शंकर यादव और नायब तहसीलदार पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। वार्ता के दौरान आरोपित पक्ष की ओर से 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी, जिसमें 50 हजार रुपये तत्काल दिए गए। प्रशासन ने अन्य मांगों पर भी नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए और देर शाम चैथे दिन बेल्हा स्थित सई नदी घाट पर घनश्याम सरोज का दाह संस्कार कर दिया गया।
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