लखनऊ। राजधानी के ऐतिहासिक और सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र अमीनाबाद (जोन-6) में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से अवैध निर्माण कराया जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अधिकारियों के आदेशों को ठेंगा दिखाकर बिल्डर और भू-माफिया आवासीय भवनों को व्यावसायिक मार्केट में तब्दील कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि विभागीय मिलीभगत के कारण कई बार सील होने और ध्वस्तीकरण के आदेश (क्व्) जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
पहला मामला थाना अमीनाबाद के अंतर्गत 110ध्8 नयागांव पूर्व से लेकर 110ध्145 नयागांव पूर्व तक पूरी की पूरी मार्केट अवैध रूप से तान दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी भवनों का ध्वस्तीकरण आदेश हो चुका है। यहाँ पर आवासीय भवनों को ध्वस्त कर अवैध रूप से व्यावसायिक मार्केट का निर्माण किया गया है।
अत्यंत घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में इस तरह का अवैध निर्माण सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खतरा बन चुका है। स्थानीय स्तर पर इन अवैध मार्केटों में ज्वलनशील केमिकल की बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है, जिससे यह पूराका पूरा इलाका कभी भी आग का गोला बन सकता है। यह मामला पूरी तरह से उच्च स्तरीय जाँच का विषय है।स्थानीय नागरिकों और मीडिया हाउस, लखनऊ ने इस पूरे मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाते हुए इसकी गहन व निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
दूसरा मामला अमीनाबाद पार्क स्थित हनुमान मंदिर के सामने (भवन संख्या 134ध्18) में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस भवन को प्राधिकरण द्वारा तीन बार सील किया जा चुका है और 16 मई 2026 को इसे गिराने का नोटिस भी दिया गया था। इसके बावजूद, बिना किसी कानूनी डर के यहाँ निर्माण कार्य जारी है, जो स्थानीय पुलिस और एलडीए के प्रवर्तन दल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, इस पूरे खेल में एलडीए के क्षेत्रीय अवर अभियंता और मातहत कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
अपर सचिव ज्ञानेंद्र द्वारा इस मामले में सख्त आदेश दिए जाने के एक माह चार दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस पुनरू कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि अवर अभियंता ने सांठगांठ कर फाइल को दबा रखा है। इस मामले में वाद संख्या 1465ध्25 के तहत आगामी 15 जनवरी 2026 की तिथि नियत की गई थी ।
पूर्व में श्री राम रस्तोगी व अन्य द्वारा मंदिर रोड पर अभिषेक ट्रेडर्स के बगल में दो मंजिला व्यावसायिक भवन श्मनीष क्रिएशनश् का अवैध निर्माण किया गया था। विहित प्राधिकारी न्यायालय में वाद संख्या-5323ध्2025 संस्थित होने के बाद 06 अक्टूबर 2025 को इस परिसर को सील कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया था। अवर अभियंता अंगद सिंह द्वारा थाना अमीनाबाद में दी गई तहरीर के अनुसार, निर्माणकर्ताओं द्वारा रात के समय और अवकाश के दिनों में चोरी-छिपे सील तोड़कर विकास कार्य पूरा करा लिया गया, जो अधिनियम की धारा-28(क) का सीधा उल्लंघन है।
एलडीए उपाध्यक्ष को भेजी गई एक अन्य शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया गया है कि अवर अभियंता अंगद सिंह एवं उनके अधीनस्थ कर्मचारियों ने कथित रूप से आर्थिक लाभ लेकर केवल पीछे की गली में स्थित जीने (सीढ़ी) को सील करने का दिखावा किया और मुख्य व्यावसायिक भवन का निर्माण कार्य बेरोकटोक जारी रहने दिया।
इस संबंध में एलडीए के जोनल अधिकारी (प्रवर्तन) जोन-6 द्वारा पूर्व में भी प्रभारी निरीक्षक थाना अमीनाबाद को सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (थप्त्) दर्ज करने हेतु पत्र (संख्या 1455धर््.व्.च्.6ध्25) भेजा गया था। मगर मामला तब से जस का तस बना है।
प्रेस क्लब लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ ने मामले को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए उच्चाधिकारियों से संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्षता से जाँच कराई जाए, फाइल दबाने वाले दोषी कर्मचारियों को चिह्नित किया जाए और अमीनाबाद को किसी बड़े अग्निकांड या हादसे से बचाने के लिए इन अवैध व्यावसायिक परिसरों के खिलाफ तत्काल कड़ी विधिक व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
