लखनऊ। जहाँ एक तरफ बिजली और दमकल की सुस्ती से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के जोन 3 में जनता अधिकारियों की तानाशाही और लापरवाही से खून के आंसू रो रही है। इलाका गंदगी और बजबजाती नालियों से पटा पड़ा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि विगत कई दिनों से इलाके की साफ-सफाई के लिए क्षेत्रीय सुपरवाइजरों से लेकर जोन 3 के श्डबल पावरश् प्राप्त र्(व् ऱ् ैव्) अफसर तक से लगातार निवेदन और चिरौरी, विनती की जा रही है। लेकिन पावर के नशे में चूर इन मदमस्त अफसरों और उनकी टीम के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
स्थानीय निवासियों ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, ष्क्या नजारा है! जनता बदबू और गंदगी में रहने को मजबूर है और अधिकारी एयर कंडीशनर कमरों में बैठे हैं। शिकायत करने पर थोड़ी बहुत झाड़-फूंक (दिखावे की सफाई) कर कागजी कोरम पूरा कर दिया जाता है।ष् सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ये श्पॉवरफुलश् अधिकारी इस तरह की टालू पद्धति अपनाकर जनता के स्वास्थय के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे?
लखनऊ की ये तस्वीरें डराने वाली हैं। एक तरफ अस्पताल और बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था शॉर्ट सर्किट के भरोसे है, जहाँ बिजली विभाग फोन उठाना जरूरी नहीं समझता। दूसरी तरफ, नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी जनता की बुनियादी समस्याओं को ठेंगे पर रख रहे हैं। लगातार हो रही आग की घटनाओं और प्रशासनिक अनदेखी ने अब पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। देखना यह है कि उच्च अधिकारी इन श्लापरवाहश् अफसरों पर क्या कार्रवाई करते हैं।
