पीलीभीत। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में एक दिव्यांग शिकायतकर्ता की समस्या पर जिलाधिकारी ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
जनसुनवाई के दौरान ग्राम रूपपुर सैजना चक मुस्तकिल निवासी दुर्गाप्रसाद ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उन्होंने बैंक ऋण का पूरा भुगतान कर उसकी डिस्चार्ज स्लिप काफी पहले तहसील में जमा कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी खतौनी से ऋण की प्रविष्टि समाप्त नहीं की गई। उन्होंने बताया कि कई बार तहसील के चक्कर लगाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि कुछ समय पूर्व तहसील परिसर में उनकी साइकिल चोरी हो गई थी, जिससे उन्हें आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से नई साइकिल उपलब्ध कराने की भी मांग की।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने दोनों शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने उपजिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि खतौनी से ऋण प्रविष्टि हटाने की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी कर शिकायतकर्ता को राहत दी जाए। साथ ही दिव्यांगजन की आवश्यकता को देखते हुए नई साइकिल उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी शीघ्र सुनिश्चित की जाए। जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों के संज्ञान में आया कि शिकायतकर्ता दिव्यांग हैं और उन्हें सुनने में भी कठिनाई होती है। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को जनसुनवाई कक्ष में बुलाकर शिकायतकर्ता को मौके पर ही श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कुछ ही देर में उन्हें श्रवण यंत्र उपलब्ध करा दिया गया, जिससे शिकायतकर्ता ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें और शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे तथा प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से फरियादियों में विश्वास और संतोष का माहौल देखने को मिला।
