कबाड़ से जुगाड़' से तैयार मोबाइल निगरानी वाहन को बताया सुशासन और स्मार्ट शहरी प्रबंधन की अनुकरणीय पहल
मुरादाबाद (विधान केसरी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुरादाबाद दौरे के दौरान सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद नगर निगम की अभिनव पहल 'प्रोजेक्ट जटायू' का प्रदर्शन किया गया। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने मुख्यमंत्री को इस अत्याधुनिक मोबाइल निगरानी एवं जनसेवा वाहन की कार्यप्रणाली और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी दी।
नगर आयुक्त ने बताया कि प्रोजेक्ट जटायू को 'कबाड़ से जुगाड़' की अवधारणा के तहत स्क्रैप सामग्री का पुनः उपयोग कर विकसित किया गया है। यह वाहन सेवा, स्वच्छता, सुरक्षा और सर्विलांस के सिद्धांतों पर आधारित है तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से शहर में प्रभावी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है।
उन्होंने बताया कि इस वाहन का उपयोग कांवड़ यात्रा, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों, मेलों, वीआईपी कार्यक्रमों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी में किया जाता है। इसमें लगे हाई-रिजॉल्यूशन पीटीजेड और सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड सीधे स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) तक पहुंचती है, जहां से 24 घंटे रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को भी लाइव फीड उपलब्ध कराकर बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
नगर आयुक्त ने बताया कि यह वाहन निगरानी के अलावा स्वच्छता व्यवस्था की मॉनिटरिंग, अतिक्रमण नियंत्रण, जन-जागरूकता अभियान, आपदा प्रबंधन तथा सूचना प्रसारण जैसे कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सीमित संसाधनों से तैयार यह परियोजना नगर निगम की नवाचार आधारित कार्यशैली और रीसायकल एवं रीयूज की उत्कृष्ट मिसाल है।
प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रोजेक्ट जटायू की अवधारणा और तकनीकी नवाचार की सराहना करते हुए इसे सुशासन, संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्मार्ट नगरीय प्रबंधन की दिशा में अनुकरणीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नवाचार नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ अन्य नगरीय निकायों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
