- माधोटांडा क्षेत्र में अवैध बीयर बिक्री पर छापेमारी के दौरान बवाल, सरकारी टीम से मारपीट
- वर्दी फाड़ी, बरामद बीयर छीनकर फरारय वायरल वीडियो ने कानून-व्यवस्था पर खड़े किए बड़े सवाल
पीलीभीत। जनपद में अवैध शराब कारोबारियों के हौसले इस कदर बुलंद नजर आए कि उन्होंने कानून लागू कराने पहुंची सरकारी टीम पर ही हमला बोल दिया। माधोटांडा थाना क्षेत्र के सिमरा ताल्लुके महाराजपुर गांव में आबकारी विभाग की कार्रवाई उस समय हिंसक टकराव में बदल गई जब अवैध बीयर बेचने की सूचना पर पहुंची टीम से महिलाओं ने न केवल हाथापाई की बल्कि आबकारी इंस्पेक्टर की वर्दी तक फाड़ डाली। इतना ही नहीं, सरकारी कब्जे में ली गई बीयर की केनों से भरी बोरी छीनकर आरोपी मौके से फरार हो गए। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के प्रति अपराधियों के बेखौफ रवैये को उजागर कर दिया है।जानकारी के अनुसार आबकारी इंस्पेक्टर डॉ. दीपक राय के नेतृत्व में विभागीय टीम गुरुवार शाम अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चला रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि गांव निवासी मोतीचंद पुत्र बैजनाथ अपनी परचून की दुकान पर बिना लाइसेंस अवैध रूप से बीयर बेच रहा है। सूचना पर टीम ने तत्काल छापेमारी की। जांच के दौरान दुकान से बीयर की 10 केन बरामद हुईं। जब दुकानदार से बिक्री संबंधी वैध लाइसेंस और दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने बीयर को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।
इसी बीच घटनास्थल पर दुकानदार के परिवार की दो महिलाएं पहुंच गईं और उन्होंने अचानक आबकारी टीम पर हमला बोल दिया। आरोप है कि महिलाओं ने सरकारी कार्रवाई का खुला विरोध करते हुए धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी। इसी अफरा-तफरी में आबकारी इंस्पेक्टर की वर्दी फट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी महिलाओं ने बरामद बीयर की बोरी छीन ली और मौके से भाग निकलीं।
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब आरोप है कि दुकानदार मोतीचंद भी डंडा लेकर टीम पर हमला करने दौड़ पड़ा। सरकारी कर्मचारियों को धमकाते हुए कार्रवाई रोकने का प्रयास किया गया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद आरोपी परिवार बीयर की बोरी लेकर फरार हो गया।घटना की सूचना मिलते ही माधोटांडा पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी दुकान बंद कर फरार हो चुके थे। आबकारी इंस्पेक्टर डॉ. दीपक राय ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट, गाली-गलौज, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने तथा अवैध शराब बिक्री सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर सौंप दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी अधिकारी भी कानून का पालन कराने के दौरान सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा? अवैध शराब माफियाओं और उनके समर्थकों का यह दुस्साहस कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। वायरल वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को सार्वजनिक कर दिया है और अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई करता है। यदि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो यह घटना अवैध कारोबारियों के हौसले और बढ़ाने का कारण बन सकती है।
