- 39वीं पुण्यतिथि पर याद किए गए महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू शिव बालक राम पासी
- बाबू शिव बालक राम पासी सद्भावना सम्मान से अलंकृत किए गए विशिष्ट जन
- स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम से रोड व समाधि स्थल को पार्क के रूप में विकसित करने की मांग
प्रतापगढ़। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू शिव बालक राम पासी का त्याग बलिदान हम सबको सदैव प्रेरणा देता रहेगा और उनके सपनों के समाज का निर्माण करने के लिए हम सबको कृत संकल्पित होना चाहिए यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। यह बातें सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ने बाबू शिव बालक राम पासी सद्भावना सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर कहीं। इसके पूर्व उनके 39वीं पुण्य तिथि पर जनपद के सरायमहिमा गांव में स्थित समाधि स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह में क्षेत्र वासियों व समाज के विशिष्ट जनों द्वारा महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए आयोजित आचार्य उमेश चन्द्र व आचार्य राजीव के नेतृत्व में शांति (परित्त )पाठ व श्रद्धांजलि सभा में भाग लिया। इस अवसर पर सराय महिमा गांव में आयोजित श्रद्धांजलि व सम्मान समारोह में समाज में विशिष्ट योगदान के लिए दी जाने वाले ’बाबू शिव बालक राम पासी सद्भावना सम्मान’ सुशीला सरोज,राम सजीवन मौर्य ष्बब्बू ष्,सुरेंद्र कुमार विमल,कल्पना कनौजिया, गगन कुमार सरोज, वेद प्रकाश सरोज,डॉ.जयसिंह नीरज,डॉ. अभिनेश, राम सजीवन सरोज,शोभा कनौजिया, डॉ. राजकुमार कनौजिया, दूधनाथ सरोज को उनके विशिष्ट योगदान हेतु इस सम्मान से अलंकृत किया गया। गौरतलब है कि यह सम्मान प्रत्येक वर्ष समाज मैं उल्लेखनीय योगदानों के लिए प्रदान किया गया था। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थिति डॉ. पीयूष कांत शर्मा इतिहासकार ने कहा कि शिव बालक राम पासी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेकर हम जनपद वासियों का जो सम्मान बढ़ाया इसके लिए हम सभी हमेशा उनके प्रति कृतज्ञ रहेंगे। आनंद मोहन ओझा ने शिव बालक राम पासी जी के परिवार व संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपनी अपनी रचनाओं के माध्यम से कृतज्ञता व्यक्त कीं। अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार श्बंधुश् जी ने कहा कि जनपद के ऐसे क्रांतिकारी की स्मृति में मुझे सम्मान मिलना मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पल है। कार्यक्रम में बेल्हा के इतिहास के अन्वेषक व इतिहासकार डॉ.जय सिंह नीरज शोधपरक कार्यों की प्रशंसा करते हुये राकेश कनौजिया ने अपने सम्बोधन में कहा कि जीवन में यदि त्याग व समर्पण के साथ पारिवारिक सामंजस्य सीखना है तो हमें शिव बालक राम जी का इतिहास पढ़ना चाहिए। इस अवसर पर सुशीला सरोज ने चमनगंज बाजार से सराय महिमा की रोड को बाबू शिव बालक राम पासी के नामकरण करते हुए प्रवेश द्वार शहीद समाधि स्थल को पार्क के रूप में विकसित करने की मांग करते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार डॉ. दयाराम मौर्य श्रत्नश्ने कहा कि शिव बालक राम जी की सुपुत्री उनकी समाधि स्थल पर प्रत्येक वर्ष इस तरह का आयोजन करके लोगों के अन्दर जो देशभक्ति की भावना जगा रही हैं वो सराहनीय है। कार्यक्रम का सफल संचालन अशोक सरोज व दिनेश सरोज ने संयुक्त रूप से किया। जिला पंचायत सदस्य मोहित सिंह,अटेवा, संदीप सिंह प्रधान, अजय मिश्र बी. डी. सी.,जिला संयोजक सी पी राव,राम प्यारी सरोज,राम सजीवन सरोज, आचार्य दिनेश कुमार, डॉ श्रीनाथ संजय, आचार्य उमेश चंद्र,धर्मराज मौर्य,जितेंद्र यादव,सनी देवल सरोज, अरुण सरोज,शिव बालक राम जी के सुपौत्र स्वतंत्र कुमार, संजय कुमार, अर्जुन गौतम, विनोद सरोज,रवि प्रकाश,समन्वय सेवा संस्थान के अध्यक्ष अवधेश अंजनी सरोज, राजीव कुमार, डॉ कमलेश,देवेन्द्र कुमार, राधेश्याम,श्याम शंकर, राजेन्द्र कुमार, अशोक,, धर्मेंद्र, प्रदीप कुमार सरोज, विवेक कुमार,राघवेंद्र,अश्विनी सरोज,अमिता,जितेंद्र, विजया सरोज पूर्व प्रधान, अव्यांश, जसदीप, वंशदीप,प्रतिभा रावत,विद्योत्तमा विनीता,संगीता,पूर्णिमा,अशोक उमा, मधुबाला सी पी, कुसुम , प्रतिभा, कमलेश कुमारी व समेत अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। अंत मे बाबू शिव बालक राम स्मृति मंच के अध्यक्ष व समन्वय सेवा संस्थान की संरक्षिका व सेनानी की यशस्वी सुपुत्री लीलावती व प्रपौत्र स्वतंत्र कुमार ने संयुक्त रूप से सभी के प्रति आभार प्रकट किया।
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