पीलीभीत। ज्येष्ठ माह के पावन बड़े मंगल के अवसर पर मंगलवार को पूरे शहर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर हनुमान भक्तों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना के साथ भंडारों और प्याऊ की व्यवस्था की गई। दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में उमड़ती रही और जय श्रीराम तथा जय बजरंगबली के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
शहर की कांशीराम कॉलोनी स्थित श्री नीम करोली बालाजी धाम में बड़े मंगल के उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया और भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।इसी प्रकार गांधी स्टेडियम रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर पर भी बड़े मंगल के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिर में भक्तों ने हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ एवं आरती में भाग लेकर भगवान हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही मंदिर परिसर के बाहर भंडारे का आयोजन किया गया, जहां राहगीरों और श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद वितरित किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर प्याऊ और शरबत वितरण केंद्र भी लगाए गए। राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और आम नागरिकों को ठंडा शरबत पिलाकर उनकी प्यास बुझाई गई। सेवा कार्य में जुटे युवाओं और स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह के साथ लोगों की सेवा की। श्रद्धालुओं का मानना है कि बड़े मंगल पर सेवा और दान का विशेष महत्व होता है तथा इस दिन किए गए पुण्य कार्यों से भगवान हनुमान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूरे दिन शहर में धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। मंदिरों में भजन-कीर्तन, हनुमान चालीसा पाठ और आरती के आयोजन होते रहे। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए पूजा-अर्चना की, जबकि युवाओं ने सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। बड़े मंगल के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित भंडारों और प्याऊ ने सामाजिक समरसता, सेवा और धार्मिक आस्था का सुंदर संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में भाईचारे तथा मानव सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। बड़े मंगल के पावन पर्व पर शहर के कोने-कोने में दिखाई दी भक्ति और सेवा की यह भावना लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।
