- पर्यावरण संरक्षण के दावों के बीच नहर पटरी पर हरे पेड़ों की कटान चर्चा में
- वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने की कवायद, नहर पटरी पर पेड़ों की कटान ने खड़े किए सवाल
शुकुलबाजार /अमेठी। एक ओर वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण अभियान-2026 को सफल बनाने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के लिए डीएफओ कार्यालय में अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है, वहीं दूसरी ओर शुकुल बाजार क्षेत्र में सत्थिन पुलिस चैकी चंद कदम दूरी पर नहर विभाग द्वारा नहर पटरी पर खड़े पुराने हरे-भरे शीशम और सागौन के पेड़ों की कटान कराए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।सोमवार को आयोजित बैठक में वृक्षारोपण अभियान-2026 के तहत निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति तथा जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने की रणनीति पर चर्चा की।वहीं दूसरी तरफ शुकुल बाजार क्षेत्र में सत्थिन पुलिस चैकी से चंद कदम दूरी पर नहर पटरी पर वर्षों पुराने शीशम और सागौन के हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब सरकार और वन विभाग पर्यावरण संरक्षण तथा वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रहे हैं, तब हरे-भरे पेड़ों की कटान कई सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने कटान की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि एक तरफ करोड़ों रुपये खर्च कर पौधरोपण की योजनाएं बनाई जा रही हैं, तो दूसरी ओर पुराने और छायादार वृक्षों को काटा जा रहा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के दावों और जमीनी हकीकत के बीच विरोधाभास साफ दिखाई देता है। इस संबंध में चैकी इंचार्ज धीरेंद्र तिवारी ने बताया कि नहर विभाग के जेई द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा स्वीकृति दी गई है। पेड़ काटने के बाद मूल्यांकन होगा।
