Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

नेत्रा AWACS को मिला फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेन्स




देश की सुरक्षा को नई ताकत देने वाली 'नेत्रा' अब पूरी तरह ऑपरेशनल हो गई है। आसमान में उड़ती यह स्वदेशी आंख दुश्मन की हर गतिविधि पर दूर से नजर रख सकती है और भारतीय वायुसेना को रियल-टाइम इंटेलिजेंस उपलब्ध कराती है। भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन DRDO के सेंटर फॉर एयर बॉर्न सिस्टम्स CABS में विकसित स्वदेशी टोही और निगरानी विमान नेत्रा अवॉक्स को आज फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेन्स यानी FOC मिल गया। इसका मतलब ये है कि बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाली आसमान में हमारी आंख "नेत्रा" अब पूरी तरह से वायु सेना को और सशक्त बनाने के लिए तैयार है।

देश की सुरक्षा को नई ताकत देने वाली 'नेत्रा' अब पूरी तरह ऑपरेशनल हो गई है। आसमान में उड़ती यह स्वदेशी आंख दुश्मन की हर गतिविधि पर दूर से नजर रख सकती है और भारतीय वायुसेना को रियल-टाइम इंटेलिजेंस उपलब्ध कराती है। भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन DRDO के सेंटर फॉर एयर बॉर्न सिस्टम्स CABS में विकसित स्वदेशी टोही और निगरानी विमान नेत्रा अवॉक्स को आज फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेन्स यानी FOC मिल गया। इसका मतलब ये है कि बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाली आसमान में हमारी आंख "नेत्रा" अब पूरी तरह से वायु सेना को और सशक्त बनाने के लिए तैयार है।

AEW&C यानी Airborne Early Warning and Control नेत्रा भारत द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक हवाई निगरानी एवं कमांड-एंड-कंट्रोल प्रणाली है। इसे भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की CABS लैब में बनाया गया है। यह प्रणाली दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों का लंबी दूरी से पता लगाने और उनकी निगरानी करने में सक्षम है। 'नेत्रा' केवल निगरानी ही नहीं करती, बल्कि वास्तविक समय में वायुसेना के लड़ाकू विमानों और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों को महत्वपूर्ण सूचनाएं भी उपलब्ध कराती है, जिससे युद्ध के दौरान त्वरित और सटीक निर्णय लेने में मदद मिलती है।

AEW&C Netra भारतीय वायुसेना की नेटवर्क-केंद्रित युद्ध क्षमता को मजबूत बनाती है और देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसका फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (FOC) स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 'नेत्रा' को अक्सर भारत की "आसमान में उड़ती आंख" कहा जाता है, क्योंकि यह सैकड़ों किलोमीटर दूर तक हवाई गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम है।

एम्ब्रेयर विमान पर बना यह सिस्टम आसमान में दुश्मन की मिसाइलों और विमानों पर नजर रखकर भारतीय वायु सेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने का काम करेगा। इस प्रोजेक्ट ने तहत अत्याधुनिक सर्विलांस सेंसर ब्राजीलियाई एम्ब्रेयर विमान पर फिट किए गए हैं. इस सिस्टम का मुख्य काम भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोनों, मिसाइलों और यहां तक कि समुद्री सतह पर मंडराने वाले खतरों की बहुत पहले ही टोह लेना और अर्ली वॉर्निंग जारी करना है।

इस प्रणाली को लेकर अब तक भारत विदेशी रडार तकनीक पर निर्भर था लेकिन अब ये प्रणाली पूर्ण रूप से स्वदेशी हो गयी है। उप वायु सेना प्रमुख ने कहा कि बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर में नेत्रा ने अपनी काबिलियत को बखूबी साबित किया है और स्वदेशी होने की वजह से हमारे देश और वायु सेना को इससे बहुत ज्यादा एडवांटेज मिलेगा। DRDO के DG ECS डॉ बिनय कुमार दास ने कहा कि वैज्ञानिकों की इस कामयाबी से भविष्य में टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और हमारे फोर्स की आवश्यकता के अनुरूप काम करने में आसानी हो जाएगी।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |