पीलीभीत। थाना कोतवाली पुलिस ने लाखों रुपये की चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और दो आईफोन बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पीड़ित परिवार के परिचित थे और उन्हें घर में रखे नकदी व आभूषणों की जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मामले के खुलासे को कोतवाली पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में यह कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक बुधवार को थाना कोतवाली पुलिस ने थाना कोतवाली नगर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 191ध्2026, धारा 305 बीएनएस से संबंधित चोरी की घटना का अनावरण करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भूदेव प्रताप सिंह उर्फ देव पुत्र सुनील सिंह, उम्र लगभग 19 वर्ष, निवासी पीलीभीत तथा अनिल कुमार पुत्र राधेश्याम, उम्र लगभग 24 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर-08, थाना नकटिया मोहम्मदपुर, थाना कैंट, जनपद बरेली शामिल हैं। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मामले में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी करते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि 26 मई 2026 को वादिनी द्वारा थाना कोतवाली नगर में लिखित तहरीर देकर सूचना दी गई थी कि उनके घर के डबल बेड के बॉक्स में रखे सोने एवं चांदी के जेवरात चोरी हो गए हैं। वादिनी के अनुसार जेवरात सुरक्षित रखे गए थे, लेकिन जांच करने पर सोने के अधिकांश आभूषण गायब मिले, जबकि चांदी के कुछ जेवर ही शेष पाए गए। तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। चोरी की इस घटना ने परिवार को झकझोर दिया था और मामले के खुलासे को लेकर पुलिस पर भी दबाव बना हुआ था।विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की। पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी पीड़ित परिवार के परिचित थे और उनका परिवार में आना-जाना था। इसी दौरान उन्हें घर के भीतर रखे आभूषणों और नकदी की जानकारी हो गई थी। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने इसी जानकारी का लाभ उठाते हुए मौका पाकर घर में रखे आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। पुलिस ने साक्ष्य संकलन, पूछताछ और अन्य तकनीकी व भौतिक तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को चिन्हित किया और बाद में गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 9,00,000 रुपये नकद, एक पीली धातु की अंगूठी, एक पीली धातु की गले की चेन, एक सफेद धातु का ब्रेसलेट तथा दो आईफोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामदगी से यह स्पष्ट हो गया कि आरोपियों ने घर में रखे कीमती सामान को निशाना बनाकर सुनियोजित ढंग से वारदात को अंजाम दिया था। नकदी के साथ महंगे मोबाइल फोन और आभूषण बरामद होना इस मामले को और गंभीर बनाता है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपियों से पूछताछ में चोरी की वारदात के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी की इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी के बाद आरोपियों ने बरामद सामान का किस प्रकार उपयोग किया और क्या कुछ सामान अभी भी बरामद होना शेष है। हालांकि पुलिस का दावा है कि मामले का सफल अनावरण कर लिया गया है और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।इस कार्रवाई में थाना कोतवाली पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रकाश चंद्र शर्मा, आरक्षी ध्रुव देशपाल, आरक्षी दीपक कुमार, आरक्षी यतेन्द्र कुमार तथा आरक्षी विपिन कुमार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल आरोपियों की धरपकड़ के लिए सघन कार्रवाई जारी रहेगी।इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरों में रखे नकदी और आभूषणों की जानकारी यदि सीमित दायरे से बाहर चली जाए तो वह अपराधियों के लिए आसान निशाना बन सकती है। परिचितों द्वारा की गई चोरी की घटनाएं आम लोगों के लिए अधिक चिंता का विषय होती हैं, क्योंकि ऐसे मामलों में घर के भीतर की व्यवस्था, सामान रखने के स्थान और परिवार की दिनचर्या तक की जानकारी अपराधियों को पहले से होती है। यही कारण है कि पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर में नकदी और कीमती आभूषण खुले तौर पर न रखें, उनकी जानकारी सीमित लोगों तक ही साझा करें और सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
