पीलीभीत। अमरिया थाना क्षेत्र के 42 वर्षीय धर्मवीर का शव करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार को धुंधरी गांव के पास नहर से बरामद कर लिया गया। लगातार चले सर्च ऑपरेशन के बाद शव मिलने से पुलिस ने राहत की सांस ली, लेकिन मृतक के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूट पड़ा, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। पत्नी बेसुध होकर बिलखती रही, जबकि तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे उदयपुर गांव में मातम पसरा रहा और अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।जानकारी के अनुसार अमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम उदयपुर निवासी धर्मवीर पुत्र रूपलाल गुरुवार दोपहर करीब एक बजे अमरिया नहर पुल पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने पहले अपनी शर्ट पुल पर उतारकर रखी और फिर अचानक तेज बहाव वाली नहर में छलांग लगा दी। जब तक आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, तब तक धर्मवीर पानी की तेज धारा में समा चुके थे। लोगों ने शोर मचाया, लेकिन कोई भी उन्हें बचा नहीं सका।घटना की सूचना मिलते ही अमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुल पर मिली शर्ट को कब्जे में लेकर पहचान कराई गई और स्थानीय गोताखोरों तथा ग्रामीणों की मदद से तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। नहर का तेज बहाव और गहराई पुलिस व गोताखोरों के लिए बड़ी चुनौती साबित हुई। गुरुवार देर शाम तक कई किलोमीटर तक तलाश अभियान चलाया गया, लेकिन धर्मवीर का कोई सुराग नहीं लग सका।
शुक्रवार सुबह एक बार फिर पुलिस और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की। करीब साढ़े बारह बजे धुंधरी गांव के पास नहर में एक शव उतराता दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। परिजनों ने शव की पहचान धर्मवीर के रूप में की। पहचान होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने यह बात आई है कि घटना के समय धर्मवीर शराब के नशे में थे। हालांकि उन्होंने यह आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस परिजनों, रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ कर हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।
धर्मवीर अपने पीछे पत्नी रेशमा, 16 वर्षीय जुड़वां बेटे-बेटी राजीव और चांदनी तथा 14 वर्षीय बेटे प्रशांत को छोड़ गए हैं। वह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। उनकी असमय मौत से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। गांव के लोगों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य को लेकर अब बड़ी चिंता खड़ी हो गई है।
शव गांव पहुंचते ही पूरे उदयपुर में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास किया, लेकिन घर में पसरा मातम हर किसी को भावुक कर गया।पुलिस के अनुसार शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
.jpg)