अमेठीः फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी पाने का आरोप, प्रधानाध्यापक पर उठे सवाल
May 07, 2026
अमेठी। प्राथमिक विद्यालय बिशेषरगंज में कार्यरत प्रधानाध्यापक विजय कुमार प्रजापति पर फर्जी डिग्री और नियम विरुद्ध तरीके से नौकरी प्राप्त करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि विजय कुमार प्रजापति वर्ष 2002 में विकास खंड अमेठी के प्राथमिक विद्यालय परसांवा में शिक्षामित्र पद पर नियुक्त हुए थे और वर्ष 2007 तक लगातार मानदेय प्राप्त करते रहे। बताया गया कि शिक्षामित्र पद पर कार्यरत रहते हुए उन्होंने वर्ष 2004 के शैक्षिक सत्र में संस्थागत छात्र के रूप में बी.एड. की डिग्री प्राप्त की। यह डिग्री त्रिभुवन सिंह हरिहर सिंह महाविद्यालय, पलिया गोलपुर, सुलतानपुर से संबद्ध संस्थान के माध्यम से हासिल की गई। साथ ही रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अमेठी से वर्ष 2004-05 में एम.ए. संस्कृत प्रथम वर्ष तथा वर्ष 2005-06 में द्वितीय वर्ष संस्थागत छात्र के रूप में पूरा किया। आरोप लगाने वालों का कहना है कि जिस अवधि में वह शिक्षामित्र के रूप में विद्यालय में कार्यरत थे और मानदेय ले रहे थे, उसी दौरान नियमित छात्र के रूप में महाविद्यालय में 75 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कर बी.एड. और एम.ए. की पढ़ाई करना संभव नहीं था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि एक ही समय में वे विद्यालय में बच्चों को शिक्षा कैसे दे रहे थे और महाविद्यालय में नियमित उपस्थिति कैसे दर्ज करा रहे थे। यह भी आरोप लगाया गया है कि शिक्षामित्रों को दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ लेकर उन्होंने सहायक अध्यापक पद पर पहली नियुक्ति जनपद शाहजहांपुर के प्राथमिक विद्यालय बीरमपुर में प्राप्त की।मामले को लेकर शिकायतकर्ताओं ने जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल शासनादेशों का उल्लंघन है बल्कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार से भी जुड़ा गंभीर मामला है। वहीं संबंधित विभागीय अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है। इस दौरान किसान मजदूर सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राज कुमार पांडेय, प्रेम शंकर द्विवेदी, राजेन्द्र वर्मा, शिवनाथ सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
