लखनऊ। लखनऊ जिले के बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में जमीन के फर्जी बैनामे और कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़िता ने कुछ लोगों पर धोखाधड़ी कर इकरारनामे की जगह बैनामा कराने, विवादित भूमि पर कब्जे की कोशिश करने तथा विरोध करने पर महिलाओं से अभद्रता का आरोप लगाया है। मामले में पीड़िता ने थाना पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। रामपुर बेहड़ा निवासी माया देवी पत्नी स्व. ईश्वरदीन के अनुसार उनके ससुर नंद किशोर वर्मा ने ग्राम कमलापुर सिरस्सा स्थित गाटा संख्या 929, रकबा 0.1960 हेक्टेयर भूमि का 18 नवंबर 2025 को 15 लाख रुपये में इकरारनामा किया था। आरोप है कि विपक्षियों ने धोखाधड़ी और जालसाजी कर इकरारनामे को बैनामे में बदल दिया। बाद में खतौनी निकलवाने पर पूरे मामले की जानकारी हुई। पीड़ित पक्ष ने न्यायालय में बैनामा निरस्तीकरण का वाद भी दाखिल किया है, जिस पर अदालत ने विपक्षियों को समन जारी किए हैं। पीड़िता का आरोप है कि बैनामा कराने के लिए 17 नवंबर 2025 को नौ लाख और पांच लाख रुपये के दो चेक विश्रजीत सैनी उर्फ विक्की सैनी व उसके सहयोगियों को दिए गए थे। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष विवादित भूमि पर कब्जा करने की नीयत से निर्माण कार्य कराने लगा। रात में निर्माण रोकने पहुंचीं महिलाएं, पुलिस बुलानी पड़ी,माया देवी के मुताबिक 18 मई की रात करीब 10 बजे वह अपनी ननद के साथ खेत पर पहुंचीं, जहां गाड़ियों की रोशनी में निर्माण कार्य कराया जा रहा था। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोग शराब के नशे में थे और महिलाओं के विरोध करने पर अभद्रता करने लगे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन वाहन में बैठाने का भी प्रयास किया गया। मामले की सूचना डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही कई आरोपी फरार हो गए।
अगले दिन फिर शुरू हुआ निर्माण पीड़िता का कहना है कि मंगलवार को भी आरोपी 10 से 15 लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और विवादित भूमि पर पक्की दीवार निर्माण का प्रयास करने लगे। इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से तत्काल मुकदमा दर्ज कर भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश रोकने की मांग की है।

