पीलीभीत। पर्यावरण संरक्षण को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सामाजिक संस्था द रूट क्लब ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जनपद में सप्ताह में दो दिन ष्नो व्हीकल डेष् लागू किए जाने की मांग उठाई है। संस्था का मानना है कि यदि नागरिक सप्ताह में दो दिन निजी वाहनों का उपयोग सीमित करें तो न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
इस संबंध में संस्था के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा और इस प्रस्ताव को गंभीरता से लागू किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान समय में वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान जैसी समस्याएं पूरी दुनिया के लिए चुनौती बनी हुई हैं। पीलीभीत भी इससे अछूता नहीं है। लगातार बढ़ते वाहनों की संख्या के कारण वातावरण में प्रदूषण बढ़ रहा है और प्राकृतिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
संस्था के अनुसार जनपद में लगभग दो लाख के करीब वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें बड़ी संख्या दोपहिया वाहनों की है। प्रतिदिन हजारों लीटर ईंधन की खपत होने से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। यदि सप्ताह में दो दिन निजी वाहनों का प्रयोग कम किया जाए तो इससे पर्यावरण को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
द रूट क्लब ने अपने ज्ञापन में पीलीभीत टाइगर रिजर्व का भी उल्लेख करते हुए कहा कि बढ़ता तापमान और पर्यावरणीय असंतुलन वन्यजीवों के प्राकृतिक जीवन को प्रभावित कर रहा है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व भी है।
संस्था ने सुझाव दिया कि ष्नो व्हीकल डेष् के दौरान एम्बुलेंस, सार्वजनिक परिवहन, स्कूल वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को छूट दी जाए ताकि आमजन को असुविधा न हो।
संस्था के अध्यक्ष अरीब अहमद वारसी और सचिव शिवम कश्यप एडवोकेट ने कहा कि यह अभियान भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संस्था के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे तथा सभी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरण अभियान चलाने का भी संकल्प लिया।
