प्रतापगढ़। भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 प्रदीप कुमार ने बुधवार को जनपद के सभी पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए पशुओं की विशेष देखभाल करने की अपील की है। उन्होने कहा है कि तेज धूप, गर्म हवाएं और पानी की कमी पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं, इसलिए पशुपालक साफ-सफाई, संतुलित आहार और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। पशुओं को स्वच्छ वातावरण में रखा जाए तथा हरे चारे की नियमित सिंचाई कर उसे ताजा बनाए रखा जाए। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयोजित मांगलिक कार्यक्रमों में बचा हुआ भोजन या अवशेष पशुओं को न खिलाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे भोजन विषाक्तता की संभावना बढ़ जाती है। उन्होने चेतावनी दी है कि गर्मियों में हरे चारे और सब्जियों पर कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के कारण पशुओं के बीमार होने का खतरा रहता है। ऐसे में पशुओं को बचे हुए हरे पत्ते या संदिग्ध चारा न खिलाया जाए। यदि किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय अथवा मोबाइल वेटनरी यूनिट नंबर-1962 पर संपर्क करें।
पशुओं को हीट वेव से बचाने के लिए पशुपालकों को सलाह दी है कि पशुओं को दोपहर 10 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में न रखें। पशुओं के लिए छायादार स्थान, ठंडा एवं साफ पानी तथा उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा पशुओं को हरा चारा, खनिज मिश्रण और हल्का संतुलित आहार देने की बात कही गई है। यह भी सुझाव दिया है कि समय-समय पर पशुओं पर पानी का छिड़काव किया जाए और ताजे पानी में गुड़ व नमक मिलाकर दिन में 4-5 बार पिलाया जाए। पानी में मीठा सोडा घोलकर देने की भी सलाह दी गई है। उन्होने कहा है कि भीषण गर्मी में सावधानी और सही देखभाल ही पशुओं को सुरक्षित रखने का सबसे बड़ा उपाय है।

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