प्रतापगढ़। मां बेल्हा देवी धाम में बृहस्पतिवार की शाम को दीप ही दीप जल रहे थे। घाट से लेकर मंदिर तक आदि गंगा मां सई का जयकारा लगाते हुए भक्तों का जनसैलाब दिखाई पड़ रहा था। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धाम में आयोजित 21वां श्री गंगा दशहरा महोत्सव सफलता का इतिहास रचता नजर आया। मां के धाम में तीनों लोक के देवी देवता साक्षात अपना आशीर्वाद भक्तों को दे रहे थे। बिजली की झालरों और फूल मालाओं से सजे धाम में शाम होते ही दीप जले तो ऐसा लगने लगा मानो चांद सितारे भी अपना प्रकाश लेकर इस महोत्सव में शामिल होने आ गए हैं।
समिति के अध्यक्ष मां बेल्हा देवी धाम के उप प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह मुन्ना भैया ने कहा कि यह जो भक्तों का सैलाब उमड़ा है वह सब मां की कृपा है। मां बेल्हा देवी से प्रार्थना है कि सभी भक्तों का कल्याण करें।
संयोजक रोशनलाल उमरवैश्य ने बताया कि इस बार 21000 दीपों से बेल्हा देवी धाम को जगमग किया गया। आदि मां गंगा सई की पौराणिकता को देखते हुए गंगा आरती की तरह विधि विधान से ग्यारह पुरोहितों द्वारा घंटा घड़ियाल और शंघ के गुंज रहे स्वरों के बीच सई मां गंगा की महाआरती की गई। डीएम अभिषेक पांडे, एसपी दीपक भूकर सहित सभी अधिकारियों व समिति के पदाधिकारी एवं श्रद्धालुओं, महिला, पुरुषों ने आस्था के साथ मां सई गंगा की महाआरती की। काशी के पुरोहितों ने घंटा घड़ियाल के साथ महाआरती शुरू की। महाआरती में शामिल होने के लिए भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा था।भीड़ अधिक होने से पुलिस प्रशासन को काफी मेहनत करनी पड़ी। कई थानों की पुलिस, महिला पुलिस, पीएसी और कई थानों की फोर्स के जवान, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, उपजिलाधिकारी सदर,सीओ सिटी के निर्देश पर शहर कोतवाल की देखरेख में पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा व्यवस्था को अंजाम दिया जा रहा था। आरती, झांकी, मंचन और भजनों का आनंद लेने के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि ने प्रमुख पदाधिकारीयों के साथ श्रद्धालुओं को नदी संरक्षण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया और पौधवितरण व पौधरोपण करते हुए कहा कि यह पर्व नदियों और पर्यावरण के महत्व को समझने एवं उन्हें संजोने का है नदियां हमारी जीवन रेखा है। मंगला प्रसाद रघु पंडा की पूरी टीम पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में लगी रही। महा आरती के पश्चात आतिशबाजी का प्रदर्शन होता रहा। इस अवसर पर मंगला प्रसाद (रघु पंडा),सुरेश अग्रवाल, छेदीलाल, संतोष कुमार, श्याम उमरवैश्य, देवानंद, जगदंबा प्रसाद (जग्गू पंडा),सुरेश मास्टर, आदर्श कुमार, विवेक कुमार, परमानंद मिश्रा, आलोक, अरविंद, प्रदीप, मनोज पंडा, मनीष, गोलू ,राजू, पवन पटवा, बाबा सिंह, मुकेश आदि उपस्थित रहे।

